मुनाफे में शानदार उछाल और डिविडेंड का तोहफा
Jindal Steel ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹3,361 करोड़ रहा, जबकि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹62,412 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों को 200% का फाइनल डिविडेंड (प्रति इक्विटी शेयर ₹2) देने का प्रस्ताव रखा है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। यह कंपनी के मजबूत प्रदर्शन और भविष्य के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
क्षमता विस्तार ने बढ़ाई रफ्तार
इस फाइनेंशियल ईयर में Jindal Steel ने अपनी उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा किया है। कंपनी ने 4.6 MTPA का ब्लास्ट फर्नेस ('भगवती सुभद्रिका') और दो 3.0 MTPA की बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF2 और BOF3) को चालू किया है। इन नई यूनिट्स के लगने से कंपनी की क्रूड स्टील बनाने की कुल क्षमता बढ़कर 15.6 MTPA हो गई है। इसके अलावा, कंपनी ने SBPP (2 X 525 MW) के मॉड्यूल्स और 1.2 MTPA के CRM कॉम्प्लेक्स को भी बेहतर बनाया है। साथ ही, कंपनी ने ठाकुरानी – अल आयरन ओर ब्लॉक को पसंदीदा बिडर के रूप में हासिल किया है, जिससे कच्चे माल की सप्लाई चेन मजबूत होगी।
सब्सिडियरी की बड़ी चिंताएं
मजबूत परिचालन प्रदर्शन के बावजूद, कंपनी अपनी पूरी तरह से नियंत्रित सब्सिडियरी Jindal Steel (Mauritius) Limited (JSML) को लेकर गंभीर चिंताओं का सामना कर रही है। 31 मार्च 2026 तक, JSML पर ₹6,966.40 करोड़ का जमा हुआ घाटा (accumulated losses) था और इसका नेट वर्थ ₹5,379.27 करोड़ निगेटिव था। ऑडिटर्स ने JSML की गोइंग कंसर्न (लगातार चलते रहने की क्षमता) को लेकर अनिश्चितता जताई है। इसके अतिरिक्त, JSML में ₹3,311.34 करोड़ के लोन राइट-ऑफ किए गए। वहीं, एक अन्य सब्सिडियरी Wollongong Resources Pty. Ltd. (WRPL) ने माइनिंग एसेट्स और इन्वेंटरी पर ₹833.62 करोड़ का इंपेयरमेंट लॉस दर्ज किया है।
चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) के नतीजे
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY2025-26) में Jindal Steel का रेवेन्यू ₹19,399 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹1,041 करोड़ दर्ज किया गया।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब कई चीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। इनमें 200% फाइनल डिविडेंड को शेयरधारकों की मंजूरी, नए ब्लास्ट फर्नेस और BOF सुविधाओं का प्रदर्शन, और सब्सिडियरी JSML की वित्तीय मुश्किलों को दूर करने के लिए मैनेजमेंट की रणनीति शामिल है। ठाकुरानी आयरन ओर ब्लॉक से कच्चे माल की सुरक्षा में योगदान भी महत्वपूर्ण होगा।
