बोर्ड में क्यों हुआ ये बदलाव?
JSPL के बोर्ड में ये बदलाव रणनीतिक बदलावों और नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। देवज्योति रॉय, जो Tata Steel में करीब 27 साल से कॉरपोरेट रणनीति और योजना (Corporate Strategy & Planning) के क्षेत्र में अनुभव रखते हैं, अब JSPL की रणनीतिक दिशा और परिवर्तन के प्रयासों को नई धार देंगे।
वहीं, दामोदर मित्तल को 37 साल के लंबे अनुभव के साथ पुनः होल-टाइम डायरेक्टर बनाया गया है। उनका यह कार्यकाल कंपनी के आयरन जोन संचालन (Iron Zone operations) और बड़े प्रोजेक्ट्स के प्रबंधन (project management) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
गौरतलब है कि सव्यसाची बंद्योपाध्याय का होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर कार्यकाल 27 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है। इन नई नियुक्तियों और फेरबदलों को शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
JSPL का मानना है कि देवज्योति रॉय जैसे अनुभवी अधिकारी का जुड़ना, विशेषकर एक बड़े प्रतिद्वंद्वी (competitor) Tata Steel से, कंपनी को एक नया बाहरी दृष्टिकोण (external perspective) प्रदान करेगा। दामोदर मित्तल के अनुभव से कंपनी के मौजूदा कार्यों पर बेहतर निगरानी बनी रहेगी।
बाजार की नजरें अब शेयरधारकों की मंजूरी पर टिकी हैं। निवेशक इस बात पर भी गौर करेंगे कि देवज्योति रॉय के नए विचार JSPL की भविष्य की योजनाओं में कैसे शामिल होते हैं, और दामोदर मित्तल के कार्यकाल के विस्तार से परिचालन (operations) पर क्या असर पड़ता है।