FY26 के लिए Jindal Saw का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹17,986.86 करोड़ रहा, जो पिछले साल यानी FY25 के ₹20,947.84 करोड़ की तुलना में 14.14% कम है। इसी तरह, कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी FY25 के ₹1,048.40 करोड़ से घटकर FY26 में ₹925.33 करोड़ हो गया।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें तो कंसॉलिडेटेड इनकम ₹4,656.85 करोड़ रही और नेट प्रॉफिट ₹123.68 करोड़ दर्ज किया गया। इस तिमाही में भी रेवेन्यू में 8.10% की सालाना गिरावट देखी गई।
कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) ऑपरेशंस में भी इसी तरह की गिरावट देखने को मिली। FY26 में कुल इनकम 18.89% घटकर ₹14,744.53 करोड़ रही, जबकि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹929.19 करोड़ (FY25) से गिरकर ₹783.98 करोड़ (FY26) पर आ गया।
इन तमाम फाइनेंशियल चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को खुश करते हुए FY26 के लिए ₹2 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इस डिविडेंड के लिए कुल ₹127.90 करोड़ खर्च होंगे।
हालांकि, कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता का विषय अभी भी बना हुआ है। इसकी सब्सिडियरी (subsidiary) Jindal ITF Limited एक कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील कर रही है। कोर्ट ने ₹1,891.08 करोड़ के एक आर्बिट्रल अवार्ड (arbitral award) को रद्द कर दिया था, जिसे कंपनी अब चुनौती दे रही है। यह मामला कंपनी के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल रिस्क (financial risk) पैदा कर सकता है।
Jindal Saw Ltd, जो O.P. Jindal Group का हिस्सा है, एक बड़ा ग्लोबल प्लेयर है। कंपनी आयरन पाइप्स, डक्टाइल आयरन पाइप्स और स्टेनलेस स्टील पाइप्स बनाती है, जिनका इस्तेमाल वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर (water infrastructure) और ऑयल & गैस (oil & gas) जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में होता है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी की स्टैंडअलोन नेट वर्थ (net worth) ₹12,592.73 करोड़ बताई गई है। ऑडिटर्स (auditors) ने भी अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स (financial statements) सही तरीके से पेश किए गए हैं।
Jindal Saw के मुख्य कॉम्पिटीटर्स (competitors) में Welspun Corp Ltd, Man Industries (India) Ltd, और Maharashtra Seamless Ltd जैसे बड़े नाम शामिल हैं। FY25 में Welspun Corp का रेवेन्यू लगभग ₹10,000-11,000 करोड़, Man Industries का ₹1,800-2,000 करोड़ और Maharashtra Seamless का ₹2,800-3,000 करोड़ रहा था। इन सबके मुकाबले, Jindal Saw का FY26 का ₹17,986.86 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू इसे एक महत्वपूर्ण प्लेयर बनाता है, भले ही इस साल गिरावट आई हो।
अब निवेशकों की नजर मैनेजमेंट (management) के कमेंट्री पर होगी, ताकि रेवेन्यू में आई गिरावट के कारणों और रिकवरी की स्ट्रैटेजी (strategy) को समझा जा सके। Jindal ITF Limited की कानूनी अपील का नतीजा कंपनी के भविष्य के लिए एक अहम फैक्टर होगा। वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल & गैस सेक्टर में मांग की रिकवरी पर भी नजर रहेगी। साथ ही, Welspun Corp और Maharashtra Seamless जैसे कॉम्पिटीटर्स के प्रदर्शन पर भी बारीक नजर रखी जाएगी।
