जानें क्यों ट्रांसफर होंगे शेयर?
Jindal Drilling & Industries Ltd की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, जिन शेयरहोल्डर्स ने लगातार 7 फाइनेंशियल ईयर तक अपने डिविडेंड का दावा नहीं किया है, उनके शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसका मतलब है कि फाइनेंशियल ईयर 2018-19 से जुड़े वे डिविडेंड, जिन्हें अभी तक क्लेम नहीं किया गया है, कंपनी को IEPF में ट्रांसफर करने का आधार बनेंगे।
क्या है डेडलाइन?
कंपनी ने साफ कर दिया है कि शेयरहोल्डर्स के पास अपने अनक्लेम्ड डिविडेंड को क्लेम करने के लिए 15 अक्टूबर 2026 तक का समय है। इस तारीख के बाद, यानि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से, ऐसे शेयर जो अनक्लेम्ड डिविडेंड से जुड़े हैं, उन्हें IEPF में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यह नोटिस 6 मई 2026 को जारी किया गया था।
IEPF और कंपनी एक्ट का नियम
इनवेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) भारत सरकार की एक पहल है, जिसका मकसद निवेशकों के लावारिस पड़े फंड्स को सुरक्षित रखना है। कंपनी एक्ट, 2013 के सेक्शन 124(5) और 124(6) के तहत, अगर किसी डिविडेंड पर 7 साल तक कोई दावा नहीं किया जाता है, तो उसे IEPF में ट्रांसफर करना अनिवार्य है।
शेयरहोल्डर्स के लिए क्या है रिस्क?
अगर शेयरहोल्डर्स तय समय सीमा 15 अक्टूबर 2026 तक अपने डिविडेंड का दावा नहीं करते हैं, तो वे अपने इक्विटी शेयर का मालिकाना हक़ खो सकते हैं। बाद में IEPF से इन पैसों और शेयरों को वापस पाना एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है।
कंपनी के बारे में
Jindal Drilling & Industries Ltd भारत के तेल और गैस सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कंपनी है, जो ऑफशोर ड्रिलिंग और संबंधित सेवाएं प्रदान करती है। यह D.P. Jindal Group का हिस्सा है और 1989 से सक्रिय है। कंपनी ने 2020 के बाद से कई डिविडेंड की घोषणा की है।
