सोलर पावर प्रोजेक्ट का पूरा विवरण
Jayaswal Neco Industries Ltd. और Waaree Group की एक कंपनी के बीच हुए इस समझौते के तहत, लगभग ₹40.97 करोड़ का निवेश करके 104 MWAC (यानी 145.60 MWp) क्षमता वाली सोलर पावर फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। खास बात यह है कि यह प्रोजेक्ट कंपनी की स्टील और आयरन ओर डिवीजन्स को सीधे 'कैप्टिव पावर' (Captive Power) सप्लाई करेगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सोलर प्लांट सालाना करीब 24.39 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा, जो कंपनी की कुल अनुमानित 26.55 करोड़ यूनिट की खपत का एक बड़ा हिस्सा पूरा करेगा। यह कदम कंपनी के पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) लक्ष्यों को पूरा करने और अस्थिर ग्रिड बिजली कीमतों के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ता कदम
यह निवेश Jayaswal Neco के रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है। अपनी खुद की सोलर पावर क्षमता विकसित करके, कंपनी न केवल ऊर्जा की लागत पर अधिक नियंत्रण हासिल करेगी, बल्कि बढ़ती ग्रिड बिजली कीमतों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच भी बनाएगी। इससे कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन्स में स्थिरता आने की उम्मीद है।
इस पहल से कंपनी के कुल ऊर्जा मिश्रण में रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा बढ़ेगा और पारंपरिक ग्रिड पावर पर निर्भरता कम होगी।
इंडस्ट्री में यह ट्रेंड आम
Jayaswal Neco Industries Ltd. स्टील मैन्युफैक्चरिंग, आयरन ओर माइनिंग और पावर जनरेशन जैसे क्षेत्रों में सक्रिय एक बड़ी भारतीय कंपनी है। वहीं, Waaree Group भारत के रिन्यूएबल सेक्टर में एक जाना-माना नाम है, जिसके पास बड़े पैमाने पर सोलर प्रोजेक्ट्स के विकास का अनुभव है।
यह कदम JSW Steel और Tata Steel जैसे अन्य प्रमुख भारतीय स्टील निर्माताओं के समान है, जो अपने ESG लक्ष्यों को पूरा करने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए तेजी से अपने सोलर एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं।
डील का भविष्य और रिस्क
यह डील फिलहाल एक नॉन-बाइंडिंग टर्म शीट (Non-binding Term Sheet) पर आधारित है। इसका अंतिम रूप निश्चित समझौतों (Definitive Contracts) पर बातचीत और हस्ताक्षर होने के साथ-साथ आवश्यक मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा। निवेशक औपचारिक समझौतों, स्वीकृतियों की समय-सीमा और प्रोजेक्ट निर्माण की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
