मुनाफे में कैसे आई बम्पर तेजी?
Jayaswal Neco Industries ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कुल आय (Total Income) FY26 में ₹7,144.95 करोड़ रही, जो FY25 के ₹6,012.36 करोड़ से अधिक है। सबसे खास बात यह रही कि नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) में जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो FY25 में ₹112.68 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹463.11 करोड़ पर पहुंच गया।
विस्तार के लिए ₹200 करोड़ जुटाएगी कंपनी
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए ₹89.13 प्रति शेयर के भाव पर 2,24,39,134 वारंट्स (Warrants) के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) को मंजूरी दे दी है। इससे कंपनी लगभग ₹200 करोड़ की राशि जुटाएगी। इस फंड का इस्तेमाल एक नया पेलेट प्लांट (Pellet Plant) लगाने और मौजूदा इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट (Integrated Steel Plant) की सुविधाओं को अपग्रेड करने में किया जाएगा। शेयरहोल्डर्स इस वारंट इश्यू और कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में प्रस्तावित संशोधनों पर 21 मई, 2026 को होने वाली एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में वोट करेंगे।
ED के साथ कानूनी पेंच, सुप्रीम कोर्ट में मामला
जहां एक ओर कंपनी शानदार प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसे एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के साथ एक बड़े कानूनी विवाद का सामना करना पड़ रहा है। ED ने पहले ₹206 करोड़ और ₹101 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी, जिस पर धोखाधड़ी और अवैध कोयला उपयोग के आरोप थे। हालांकि, एक अपीलेट ट्रिब्यूनल ने इन अटैचमेंट ऑर्डर्स को पलट दिया था और एक स्पेशल जज ने कंपनी और उसके डायरेक्टर्स को एक मनी लॉन्ड्रिंग केस से बरी कर दिया था। लेकिन ED इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अटैच की गई प्रॉपर्टीज की रिलीज पर तत्काल निर्णय न लेने की मौखिक प्रतिबद्धता दी है।
इस सुप्रीम कोर्ट केस का नतीजा कंपनी की दीर्घकालिक स्थिरता और मार्केट सेंटिमेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। ED के साथ इस कानूनी विवाद का परिणाम कंपनी की वित्तीय स्थिति और परिचालन पर असर डाल सकता है।
आगे क्या?
Jayaswal Neco इंटीग्रेटेड स्टील और अलॉय स्टील सेक्टर में काम करती है और Steel Authority of India (SAIL) व Shyam Metalics and Energy Ltd. जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला करती है। निवेशकों की नजरें अब 21 मई, 2026 को EGM में होने वाले शेयरहोल्डर वोटिंग के नतीजों पर होंगी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट में ED की अपील पर अपडेट, नए पेलेट प्लांट का निर्माण और स्टील प्लांट अपग्रेड्स की प्रगति भी कंपनी के भविष्य की राह तय करेंगे।
