Jayant Infratech लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हाल ही में हुई एक बैठक में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसले लिए हैं। कंपनी ने अपनी सहायक कंपनी Jayant Infraprojects में बची हुई 70% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा करने का निर्णय लिया है। यह अधिग्रहण प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) के जरिए किया जाएगा, जिसमें कंपनी ₹70 प्रति शेयर की दर से 12,55,000 इक्विटी शेयर्स जारी करेगी। इस पूरी डील की कुल कीमत ₹8.79 करोड़ तय की गई है।
बोर्ड ने कंपनी के एक मौजूदा बिजनेस अंडरटेकिंग (Business Undertaking) को स्लंप सेल (Slump Sale) के जरिए बेचने की भी मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी के बिजनेस सेगमेंट में एक महत्वपूर्ण रीअलाइनमेंट (Realignment) का संकेत देता है, जिससे ऑपरेशंस को और सुव्यवस्थित किया जा सके।
Jayant Infratech के पास पहले से ही Jayant Infraprojects में 30% हिस्सेदारी है। 100% स्वामित्व हासिल करने से कंपनी को मैनेजमेंट में आसानी होगी और परिचालन क्षमताओं (Operational Capabilities) को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, किसी बिजनेस यूनिट को बेचना यह दर्शाता है कि कंपनी अपने मुख्य व्यवसायों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहती है। इन दोनों फैसलों का मकसद कंपनी की मार्केट पोजीशन को मजबूत करना और लंबी अवधि के विकास लक्ष्यों (Long-term Growth Goals) को हासिल करना है।
हाल के दिनों में Jayant Infratech रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन (Railway Electrification) सेक्टर में कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स (Contracts) हासिल करने में सफल रही है। कंपनी ने सेंट्रल रेलवे (Central Railway) से ₹186.44 करोड़ और ₹40.55 करोड़ के ऑर्डर जीते हैं। इससे पहले, नवंबर 2023 में कंपनी ने ₹58.6 करोड़ का फंड प्राइवेट प्लेसमेंट (Private Placement) के जरिए भी जुटाया था। पिछले पांच फाइनेंशियल ईयर (Financial Years) में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) और नेट इनकम (Net Income) इंडस्ट्री एवरेज (Industry Average) से बेहतर रहा है। हालांकि, इसका P/E रेशियो (P/E Ratio) अभी भी कुछ बड़ी कंपनियों जैसे Larsen & Toubro और Rail Vikas Nigam से कम है।
इन डील्स के पूरा होने के लिए शेयरधारकों (Shareholders) की मंजूरी, स्टॉक एक्सचेंजों (Stock Exchanges) से क्लीयरेंस और बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (Business Transfer Agreement) पर हस्ताक्षर जैसे कई कदम बाकी हैं। अधिग्रहण 12 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। यह ट्रांजेक्शन रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (Related Party Transaction) के तौर पर देखा जा रहा है, जिसे आर्म्स लेंथ बेसिस (Arms Length Basis) पर स्वतंत्र मूल्यांकन के साथ किया जाएगा। आगामी 27 मई 2026 को होने वाली EGM में शेयरधारकों से मंजूरी ली जाएगी।
