Jayant Infratech का बड़ा कदम: Jayant Infraprojects में बची 70% हिस्सेदारी ₹8.79 करोड़ में खरीदेगी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Jayant Infratech का बड़ा कदम: Jayant Infraprojects में बची 70% हिस्सेदारी ₹8.79 करोड़ में खरीदेगी
Overview

Jayant Infratech के बोर्ड ने अपनी सहयोगी कंपनी Jayant Infraprojects में बची हुई **70%** हिस्सेदारी **₹8.79 करोड़** में खरीदने को मंजूरी दे दी है। यह डील **₹70** प्रति शेयर की दर से नए इक्विटी शेयर जारी करके फंड की जाएगी, जिसका मकसद ऑपरेशंस को मजबूत करना और भविष्य के विकास को बढ़ावा देना है।

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Jayant Infratech Limited अब अपनी सहयोगी कंपनी Jayant Infraprojects पर 100% मालिकाना हक हासिल करने जा रही है। कंपनी ने बोर्ड मीटिंग के बाद ऐलान किया है कि वह ₹8.79 करोड़ में Jayant Infraprojects की बाकी बची 70% हिस्सेदारी खरीदेगी। इस डील के लिए ₹70 प्रति शेयर की दर से 12,55,000 नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।

Jayant Infratech के बोर्ड ने 27 अप्रैल, 2026 को एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (Business Transfer Agreement) और प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू (Preferential Share Issue) को मंजूरी दे दी है। इस प्लान के तहत कंपनी Jayant Infraprojects, जो कि एक एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP) है, की शेष 70% हिस्सेदारी ₹8.79 करोड़ में ले लेगी। वर्तमान में Jayant Infratech के पास Jayant Infraprojects में 30% की हिस्सेदारी है और इस खरीद के बाद कंपनी का पूरा नियंत्रण हो जाएगा। जिस इकाई को खरीदा जा रहा है, उसने 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹1.21 करोड़ का टर्नओवर (Turnover) दर्ज किया था।

डील पर शेयरधारकों की मुहर 27 मई, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में लगेगी।

इस अधिग्रहण का मुख्य मकसद Jayant Infratech की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाना और कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को सहारा देना है। Jayant Infraprojects के 100% मालिक बनकर, कंपनी अपने ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करना चाहती है और इंफ्रास्ट्रक्चर व रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन सेक्टर्स में संभावित सिनर्जी (Synergies) का फायदा उठाना चाहती है।

साल 2003 में स्थापित, Jayant Infratech भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एक अहम कंपनी है। यह रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट्स में महारत रखती है और इसने जुलाई 2022 में अपना SME IPO पूरा कर ₹6.19 करोड़ जुटाए थे। हाल ही में, कंपनी ने सेंट्रल रेलवे से ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए ₹40.55 करोड़ और भुसावल डिवीजन के लिए ₹186.44 करोड़ के बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। अपने विस्तार की योजनाओं को पूरा करने के लिए, Jayant Infratech ने नवंबर 2023 में वारंट्स (Warrants) के प्राइवेट प्लेसमेंट (Private Placement) के जरिए लगभग ₹58.6 करोड़ भी जुटाए थे।

डील के फाइनल होने से पहले शेयरधारकों की EGM में मंजूरी और स्टॉक एक्सचेंजों से सैद्धांतिक (in-principle) अप्रूवल मिलना अहम पड़ाव हैं। इस ट्रांजैक्शन से Jayant Infraprojects पूरी तरह Jayant Infratech के कंट्रोल में आ जाएगी, जिससे बेहतर इंटीग्रेशन संभव होगा। यह डील इक्विटी के जरिए ग्रोथ को फंड करने का रास्ता भी खोलती है, न कि डेट (Debt) के जरिए। कंपनी का लक्ष्य बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट की तारीख से 12 महीनों के भीतर ट्रांजैक्शन को पूरा करना है।

Jayant Infratech रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के खास क्षेत्र में काम करती है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में इसके बड़े प्रतिस्पर्धियों में Larsen & Toubro Ltd (L&T) जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में सीधे तौर पर सरकार-समर्थित संस्थाएं जैसे Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL) और IRCON International Ltd प्रमुख हैं, जो रेल संपत्ति विकास पर केंद्रित हैं। वहीं, NCC Ltd जैसी अन्य कंपनियां सामान्य सिविल इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन में लगी हुई हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.