SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क से Jauss Polymers को मिली राहत
Jauss Polymers Limited ने BSE को दी जानकारी में बताया है कि वह SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (LC) फ्रेमवर्क के तहत नहीं आती है। इस वजह से कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए डेट (Debt) के ज़रिए फंड जुटाने से जुड़े सालाना डिस्क्लोजर (Disclosure) की ज़रूरतों से छूट मिल गई है।
क्या है SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' नियम?
SEBI ने 19 अक्टूबर, 2023 को कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को मज़बूत करने के उद्देश्य से 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क की शुरुआत की थी। किसी कंपनी को LC माने जाने के लिए तीन मुख्य शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- उसके सिक्योरिटीज लिस्टेड होने चाहिए।
- उसके पास ₹1,000 करोड़ या उससे ज़्यादा के आउटस्टैंडिंग लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग्स (Outstanding long-term borrowings) होने चाहिए।
- उसकी क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर होनी चाहिए।
यह फ्रेमवर्क 1 अप्रैल, 2024 से उन कंपनियों पर लागू हो गया है जो फाइनेंशियल ईयर अप्रैल-मार्च के अनुसार काम करती हैं, जैसे Jauss Polymers।
Jauss Polymers को कैसे मिली छूट?
Jauss Polymers Limited इस फ्रेमवर्क के तहत ज़रूरी क्राइटेरिया को पूरा नहीं करती है। नतीजतन, कंपनी को LC की श्रेणी में नहीं रखा गया है। इसका सीधा मतलब है कि Jauss Polymers को अब डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) से फंड जुटाने के लिए सालाना डिस्क्लोजर (Annual Disclosure) की सख्त नियमों का पालन नहीं करना होगा।
इसका मतलब क्या है?
LC माने जाने वाली कंपनियों के लिए यह ज़रूरी होता है कि वे अगले तीन फाइनेंशियल ईयर में अपने योग्य बॉरोइंग्स (Qualified borrowings) का कम से कम 25% डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए जुटाएं। Jauss Polymers को इस मैंडेट (Mandate) से भी मुक्ति मिल गई है। इस छूट से कंपनी को नियामक अनुपालन (Regulatory compliance) के भारी बोझ से राहत मिलती है और वह अपने मुख्य मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित कर सकती है।
बाज़ार में ऐसे और भी उदाहरण
हाल ही में Alacrity Securities, UTL Industries, और Equilateral Enterprises जैसी कंपनियों ने भी कन्फर्म किया है कि वे LC क्राइटेरिया को पूरा नहीं करतीं। इससे वे भी इसी तरह के डिस्क्लोजर मैंडेट्स से बच गई हैं। यह दिखाता है कि कैसे कंपनियां अपने स्केल या डेट प्रोफाइल को मैनेज करके SEBI के सख्त LC फ्रेमवर्क से बाहर रहने की रणनीति अपना रही हैं।
आगे क्या?
कंपनी की फाइलिंग में इस नॉन-क्लासिफिकेशन (Non-classification) से जुड़े किसी खास जोखिम का ज़िक्र नहीं है। हालांकि, भविष्य में अगर Jauss Polymers का स्केल या डेट प्रोफाइल इतना बढ़ जाता है कि वह LC क्राइटेरिया को पूरा करने लगे, तो उसे इस फ्रेमवर्क के नियमों का पालन करना होगा।
