ग्लोबल दबाव में फ्लैट रेवेन्यू, निवेश टले
FY25-26 में रेवेन्यू पर स्थिरता के चलते, Jash Engineering ने USA और Saudi Arabia में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज (Manufacturing Facilities) के लिए अपने इन्वेस्टमेंट प्लान्स (Investment Plans) को फिलहाल टाल दिया है। कंपनी मैनेजमेंट का फोकस अब मौजूदा कैपेसिटी (Capacity) को बेहतर बनाने और डिस्पैच (Dispatch) को सुचारू करने पर है, क्योंकि ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
₹827 Cr की ऑर्डर बुक से 19% ग्रोथ का दम
हालांकि, कंपनी के पास 1 अप्रैल 2026 तक ₹827 करोड़ की मजबूत कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक (Consolidated Order Book) है। इस मजबूत बैकलॉग (Backlog) के सहारे, Jash Engineering ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (FY26-27) के लिए अपने रेवेन्यू में लगभग 19% की ग्रोथ का अनुमान जताया है, जो ₹875 करोड़ तक पहुंच सकता है। मार्च 2026 में कंपनी की मंथली ऑर्डर इनटेक (Monthly Order Intake) ₹57 करोड़ रही, साथ ही ₹40 करोड़ के नेगोशिएटेड ऑर्डर्स (Negotiated Orders) भी मिले।
टैरिफ रिफंड और भविष्य की राह
Jash Engineering, जो पानी और अपशिष्ट जल प्रबंधन (Water and Wastewater Management) के उपकरण बनाती है, अपनी 60% से अधिक कमाई विदेशी बाजारों से करती है। कंपनी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के एक फैसले के बाद, अधिक भुगतान किए गए US टैरिफ (Tariffs) की वापसी की कोशिश कर रही है, जिसमें दरें लगभग 50% से घटकर 15% रह गई हैं। यह रिफंड प्रक्रिया कंपनी को वित्तीय मजबूती दे सकती है। शेयरधारकों की नजरें अब इस बात पर हैं कि कंपनी कैसे इन ग्लोबल और आर्थिक चुनौतियों से निपटते हुए अपने ग्रोथ टारगेट्स (Growth Targets) को हासिल करती है।
