शेयरधारकों ने चार प्रस्तावों पर मोहर लगाई
Jain Resource Recycling Limited ने घोषणा की है कि उसके शेयरधारकों ने डाक मतपत्र के जरिए पेश किए गए सभी चार प्रस्तावों को जबरदस्त समर्थन दिया है। यह वोटिंग 28 मार्च से 26 अप्रैल 2026 तक हुई थी।
किसे मिली कितनी सैलरी?
- अतुल पारेख (Atul Pareek), जो कि सहायक कंपनी Jain Cy Circular Solutions Private Limited में होल-टाइम डायरेक्टर (Whole-Time Director) के तौर पर री-डेजिग्नेट हुए हैं, उनके पारिश्रमिक (remuneration) को 99.98% शेयरधारकों की सहमति मिली।
- कमलेश जैन (Kamlesh Jain), प्रबंध निदेशक (Managing Director) के तौर पर फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए, का वेतन प्रस्ताव 97.56% वोटों से पास हुआ।
- कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में किए गए संशोधनों को 100% यानी सर्वसम्मति से मंजूरी मिली।
IPO फंड का लोन चुकाने में इस्तेमाल
सबसे अहम प्रस्ताव, जिसमें IPO फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों, खासकर असुरक्षित ऋणों (unsecured loans) को चुकाने के लिए करने की मंजूरी मांगी गई थी, उसे 92.87% शेयरधारकों का समर्थन मिला। इससे पहले कंपनी ने अपने IPO से प्राप्त ₹54 करोड़ का उपयोग असुरक्षित लोन चुकाने में किया था, जो कि मूल प्रॉस्पेक्टस से थोड़ा अलग था। कंपनी ने इसे एक अनजाने में हुई गलती बताया था और इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी थी।
मैनेजमेंट भुगतान और अहम दस्तावेज मंजूर
इन मंजूरियों के साथ, कंपनी की प्रस्तावित मैनेजमेंट संरचना और मुआवजे (compensation) की योजनाओं को औपचारिक रूप से समर्थन मिल गया है। श्री पारेख और श्री जैन के वेतन भुगतान को अब शेयरधारकों की मंजूरी हासिल है। आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में हुए बदलाव कंपनी के नियमों और आंतरिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने में मदद करेंगे।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Jain Resource Recycling नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग सेक्टर में काम करती है। कंपनी ने सितंबर-अक्टूबर 2025 में अपने IPO के जरिए ₹1,250 करोड़ जुटाए थे। बता दें कि प्रमोटर कमलेश जैन पर सेबी (SEBI) ने ₹25 लाख का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा, कंपनी को MCA (Ministry of Corporate Affairs) ने भी कुछ नियमों के उल्लंघन पर पेनाल्टी लगाई थी, हालांकि कंपनी का कहना है कि इनका कंपनी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ता।
