JSW Steel के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ₹7.10 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹7,000 करोड़ तक की महत्वपूर्ण राशि जुटाने के लिए Qualified Institutions Placement (QIP) को भी मंजूरी दे दी है।
यह ₹7,000 करोड़ की QIP फंड जुटाने की पहल कंपनी के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। यह भविष्य की विस्तार योजनाओं को गति देने या कंपनी की बैलेंस शीट को और सहारा देने में काम आ सकती है। हालांकि, इस QIP को शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होगी, क्योंकि इसके लिए पहले दी गई सक्षम करने वाली मंजूरी (enabling resolution) की अवधि समाप्त हो गई थी।
बोर्ड में निरंतरता बनाए रखने के लिए, सुश्री Fiona Jane Mary Paulus को एक दूसरे कार्यकाल के लिए स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है। कंपनी की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 जुलाई, 2026 को निर्धारित है।
JSW Steel भारतीय स्टील इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम है और क्षमता विस्तार पर लगातार जोर देता रहा है। कंपनी ने अगस्त 2023 से शुरू होने वाली तीन साल की अवधि में ₹48,000 करोड़ की कुल पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) योजनाओं की घोषणा की है। मार्च 2023 में, कंपनी ने ₹8,000 करोड़ का QIP सफलतापूर्वक पूरा किया था।
JSW Steel के ₹7.10 प्रति शेयर के डिविडेंड प्रस्ताव की तुलना करें तो, Tata Steel ने FY24 के लिए ₹3.60 और SAIL ने ₹1.00 प्रति शेयर डिविडेंड का सुझाव दिया था। वहीं, फंड जुटाने के मोर्चे पर, Tata Steel ने मार्च 2024 में लगभग $1 बिलियन (करीब ₹8,300 करोड़) का QIP पूरा किया था।
शेयरधारकों की मंजूरी के बिना QIP का आगे न बढ़ना, या QIP के कारण होने वाले इक्विटी डाइल्यूशन (equity dilution) का शेयर की कीमत पर असर पड़ना, ऐसे कुछ प्रमुख जोखिम हैं जिन पर बाजार की नजर रहेगी।
