JSW Steel ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (FY26) के लिए अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹25,508 करोड़ रहा, जो कि Bhushan Power & Steel (BPSL) के विनिवेश से प्राप्त ₹18,051 करोड़ के एकमुश्त लाभ से काफी प्रभावित है।
इस अवधि में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले वर्ष की तुलना में 10.15% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹1,86,718 करोड़ तक पहुंच गया। पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में यह आंकड़ा ₹1,69,518 करोड़ था।
यह बड़ा फायदा JSW Steel द्वारा 2021 में इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत BPSL के अधिग्रहण से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस मजबूत नेट प्रॉफिट के आंकड़े को एक बार के इवेंट के रूप में देखें और कंपनी के मुख्य परिचालन प्रदर्शन (core operational performance) पर ध्यान केंद्रित करें ताकि उसकी वर्तमान वित्तीय सेहत का सही अंदाजा लगाया जा सके।
स्टैंडअलोन (Standalone) बेसिस पर, JSW Steel ने ₹1,34,577 करोड़ के कुल रेवेन्यू पर ₹6,522 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जिसमें 3.87% की ग्रोथ देखी गई।
कंपनी का कंसोलिडेटेड कुल खर्च भी बढ़कर ₹1,74,352 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष के ₹1,63,641 करोड़ की तुलना में अधिक है।
JSW Steel ने FY26 के लिए ₹7.10 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है, जो शेयरधारकों के लिए सीधा रिटर्न प्रदान करता है। भविष्य में, निवेशक JSW Steel के मुख्य ऑपरेशंस के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे, जिसमें एकमुश्त फायदों को छोड़कर। मैनेजमेंट का भविष्य के रेवेन्यू को लेकर आउटलुक, स्टील सेक्टर की मांग और कीमतों के रुझान, कर्ज का स्तर, कैपिटल एक्सपेंडिचर की प्रगति और अन्य रणनीतिक कदम महत्वपूर्ण होंगे। टाटा स्टील और SAIL जैसे प्रतिस्पर्धियों के साथ तुलना भी कंपनी की मुख्य परिचालन दक्षता को समझने में सहायक होगी।
