NCLT के इस नए आदेश ने JSW Steel की सब्सिडियरी JSW Steel Coated Products Limited (JSWSCPL) के Colour Roof (India) Limited को खरीदने की योजना पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं। NCLT ने 13 अप्रैल, 2026 को जारी अपने हुक्म में Colour Roof के लिए बनी कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) को निर्देश दिया है कि वे सभी सबमिट की गई समाधान योजनाओं (resolution plans) का नए सिरे से मूल्यांकन करें। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अप्रैल 2025 में CoC ने JSWSCPL की योजना को हरी झंडी दे दी थी। JSWSCPL अब इस डेवलपमेंट के असर को समझ रही है।
Colour Roof (India) Limited फरवरी 2023 से कॉर्पोरेट इंसोल्वेंसी (corporate insolvency) की प्रक्रिया से गुजर रही है। कंपनी पर फीनिक्स एआरसी प्राइवेट लिमिटेड (Phoenix ARC Private Limited) का ₹166 करोड़ से ज़्यादा का भारी-भरकम कर्ज़ था। JSW Steel, भारत में डूबत-खाऊ संपत्तियों (distressed assets) को खरीदने की अपनी रणनीति के तहत इस अधिग्रहण पर आगे बढ़ रही थी। JSWSCPL को 25 अप्रैल, 2025 को Colour Roof के लिए सफल बिडर (successful bidder) घोषित किया गया था, जिसके बाद मामला NCLT की मंज़ूरी की ओर बढ़ रहा था।
NCLT के इस फैसले ने उस सौदे में बड़ी अनिश्चितता पैदा कर दी है जो लगभग पूरा होने वाला था। यह न केवल अधिग्रहण को अंतिम रूप देने में देरी करेगा, बल्कि Colour Roof (India) Limited के समाधान के लिए वैकल्पिक रास्ते भी खोल सकता है। यह JSW Steel की विस्तार योजनाओं के लिए काफी अहम है, क्योंकि यह दिखाता है कि शुरुआती मंज़ूरी मिलने के बावजूद अप्रत्याशित कानूनी अड़चनें आ सकती हैं। इस डेवलपमेंट से JSW Steel के शेयरधारकों के मन में भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह अधिग्रहण समय पर पूरा हो पाएगा और कंपनी के विकास में कितना योगदान देगा।
इस नए सिरे से समीक्षा के आदेश से समाधान प्रक्रिया में और भी देरी हो सकती है, जो JSWSCPL के लिए इस डील की व्यवहार्यता (viability) पर सवाल खड़े कर सकती है। यह भी मुमकिन है कि योजनाओं की दोबारा जांच में नए बिडर सामने आएं या पुरानी पेशकशों में बदलाव हो। Colour Roof (India) Limited की बिगड़ती वित्तीय हालत इस लंबी अनिश्चितता के दौरान और खराब हो सकती है।
JSW Steel संकटग्रस्त संपत्तियों के अधिग्रहण में अपने आक्रामक रुख के लिए जानी जाती है, ठीक वैसे ही जैसे ArcelorMittal-Nippon Steel ने Essar Steel के साथ किया था। हालांकि, Bhushan Power & Steel जैसे मामलों में कंपनी को लंबी कानूनी लड़ाइयों का भी सामना करना पड़ा है। Tata Steel जैसे दूसरे बड़े खिलाड़ी भी संपत्तियों का अधिग्रहण करते रहते हैं, लेकिन Colour Roof का यह मामला इंसोल्वेंसी (insolvency) के बाजार में मौजूद जोखिमों को साफ तौर पर दिखाता है।