सोलर प्रोजेक्ट को मिली मजबूत वित्तीय साख
JSW Energy की एक अहम सब्सिडियरी, JSW Green Energy Eight Limited, को खुद ICRA की ओर से 'ICRAA/Stable' की क्रेडिट रेटिंग मिली है। यह रेटिंग 4 मई, 2026 को जारी की गई और यह कर्नाटक में चल रहे 130 MW के सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
यह सब्सिडियरी अक्टूबर 2024 में एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के तौर पर बनाई गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य इस सोलर एसेट को डेवलप करना है। पैरेंट कंपनी JSW Energy, जिसकी खुद की ICRA रेटिंग 'ICRA AA (Stable)' है, इस सब्सिडियरी को पूरा फाइनेंशियल, ऑपरेशनल और मैनेजेरियल सपोर्ट दे रही है, जो इस फेवरेबल रेटिंग का एक मुख्य कारण है।
इस 130 MW के सोलर प्रोजेक्ट को 25 साल के पावर परचेस एग्रीमेंट (PPA) का सहारा है, जो ग्रुप कैप्टिव स्ट्रक्चर के तहत Indus Towers Limited के साथ हुआ है। यह लंबा एग्रीमेंट प्रोजेक्ट के लिए रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी सुनिश्चित करता है।
प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग के लिए एक स्टेबल और हाई-ग्रेड क्रेडिट रेटिंग बेहद जरूरी होती है। यह सब्सिडियरी की फाइनेंशियल हेल्थ को साबित करती है और उसे कंपीटिटिव इंटरेस्ट रेट्स पर डेट फंडिंग हासिल करने की क्षमता को बढ़ाती है, जिससे प्रोजेक्ट का ओवरऑल कॉस्ट ऑफ कैपिटल कम होता है।
इस 130 MW सोलर प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹662.61 करोड़ है, जिसे 80:20 के डेट-इक्विटी मिक्स से फंड करने की योजना है। प्रोजेक्ट ने पहले ही ₹530.09 करोड़ का प्रोजेक्ट डेट 20 साल की अवधि के लिए कंपीटिटिव रेट पर हासिल कर लिया है।
हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी कंस्ट्रक्शन फेज में है, जिससे एग्जीक्यूशन रिस्क जैसे कि संभावित देरी या कॉस्ट ओवररन का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, Indus Towers एक मजबूत काउंटरपार्टी है, लेकिन PPA से जुड़ी किसी भी अप्रत्याशित समस्या से रेवेन्यू की प्रेडिक्टेबिलिटी प्रभावित हो सकती है। अलग से, JSW Energy को नवंबर 2024 में SEBI से इनसाइडर ट्रेडिंग वायलेशंस को लेकर एक वार्निंग लेटर मिला था, हालांकि कंपनी का कहना है कि इसका कोई फाइनेंशियल या ऑपरेशनल असर नहीं हुआ है।
Adani Green Energy और Tata Power Renewables जैसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स भी अपने एक्सपेंशन प्लान्स को सपोर्ट करने के लिए इसी तरह की प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग और क्रेडिट रेटिंग पर निर्भर करते हैं।
