कच्चे माल की सुरक्षा हुई और पुख्ता
राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित ई-ऑक्शन में JK Cement को 23 अप्रैल, 2026 को 'करुंडा चूना पत्थर ब्लॉक-I' के लिए 'Preferred Bidder' घोषित किया गया है। यह ब्लॉक चित्तौड़गढ़ जिले में 35.98 हेक्टेयर में फैला है, जो सीमेंट बनाने के लिए ज़रूरी चूना पत्थर का एक अहम स्रोत साबित होगा।
इस अधिग्रहण का सबसे बड़ा फायदा कंपनी की रॉ मटेरियल सिक्योरिटी (Raw Material Security) को मजबूत करना है। इससे कंपनी बाहर से चूना पत्थर खरीदने पर अपनी निर्भरता कम कर सकेगी और उत्पादन लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।
लगातार विस्तार की रणनीति
यह JK Cement की अपनी रॉ मटेरियल रिजर्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी ने हाल ही में मार्च 2026 में मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में दो चूना पत्थर ब्लॉक हासिल किए थे। इससे पहले जनवरी 2025 में गुजरात में भी 40 साल तक चलने वाले चूना पत्थर के बड़े भंडार खरीदे थे। यह लगातार माइनिंग लीज हासिल करने का कंपनी का फोकस, उसके बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration) की रणनीति को दर्शाता है।
NGT जांच का असर?
हालांकि, इस अच्छी खबर के साथ ही एक बड़ा 'वॉच पॉइंट' भी है। JK Cement इस समय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की जांच के दायरे में है। यह जांच हरियाणा प्लांट में कथित तौर पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है। इससे कंपनी पर जुर्माना, कामकाज रुकने या अतिरिक्त कंप्लायंस लागत का जोखिम मंडरा रहा है।
आगे क्या?
JK Cement, UltraTech Cement, Shree Cement, Ambuja Cements और Dalmia Bharat जैसे दिग्गजों के साथ एक कड़े मुकाबले वाले सीमेंट बाजार में काम करती है। निवेशक अब इस माइनिंग लीज की फाइनल मंजूरी का इंतजार करेंगे। साथ ही, माइनिंग शुरू होने की समय-सीमा, NGT जांच के नतीजे और कंपनी की आगे की रॉ मटेरियल हासिल करने की योजनाएं भी देखने लायक होंगी।
