SEBI लगातार शेयर बाजार को पूरी तरह से डीमैट (Demat) बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी दिशा में, JK Cement Limited ने अपने शेयरधारकों के लिए एक स्पेशल विंडो खोलने का ऐलान किया है।
यह स्पेशल विंडो 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक खुली रहेगी, जिसके ज़रिए शेयरहोल्डर्स अपने फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट को डीमैट खाते में ट्रांसफर करा सकते हैं। फिजिकल शेयर रखने में कई जोखिम (Risks) जुड़े होते हैं, जैसे कि शेयर का खो जाना, चोरी हो जाना, या किसी भी कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Action) जैसे डिविडेंड (Dividend) या बोनस शेयर मिलने में देरी।
डीमैट फॉर्म में शेयर कन्वर्ट कराने से सुरक्षा (Security) बढ़ती है, ट्रांसफर (Transfer) आसान होता है और सभी लाभ सीधे आपके खाते में आते हैं। SEBI पहले भी प्रमोटर्स (Promoters) और फिर सभी लिस्टेड कंपनियों के लिए डीमैटरियलाइजेशन (Dematerialisation) को बढ़ावा दे रहा है। यह स्पेशल विंडो उन शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो शायद पहले ऐसा नहीं कर पाए थे या जिन्हें इसे पूरा करने में मुश्किल आ रही थी।
JK Cement इस मामले में अकेला नहीं है। UltraTech Cement और Shree Cement जैसी बड़ी सीमेंट कंपनियों ने भी अपने शेयरधारकों के लिए ऐसे डीमैट कन्वर्ट कराने के अभियान चलाए हैं। यह पूरे सेक्टर में रेगुलेटरी लक्ष्यों को पूरा करने का एक बड़ा प्रयास है।
जो शेयरधारक 30 जून 2026 की तय समय सीमा तक अपने फिजिकल शेयर को डीमैट में कन्वर्ट नहीं कराते हैं, उन्हें भविष्य में ट्रांजैक्शन (Transaction) या अन्य कॉर्पोरेट लाभ पाने में दिक्कत आ सकती है, क्योंकि फाइनेंशियल मार्केट तेजी से पूरी तरह डीमैट आधारित हो रहा है।
