पूरे साल की ग्रोथ भी रही दमदार
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो कंपनी का रेवेन्यू 45.53% बढ़कर ₹36,459.15 करोड़ हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹25,052.58 करोड़ था।
ग्रोथ का राज: मजबूत ऑर्डर बुक और ईपीसी प्रोजेक्ट्स
इस जबरदस्त ग्रोथ का मुख्य कारण कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book) और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स का कुशल निष्पादन (Execution) रहा है। JD Cables अब खुद को एक इंटीग्रेटेड ईपीसी-लेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर (Integrated EPC-led infrastructure player) के तौर पर स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
क्षमता विस्तार और नए प्रोडक्ट लाइन्स
कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता (Manufacturing Capacity) का तेजी से विस्तार कर रही है। हाल ही में, पश्चिम बंगाल के डांकुनी (Dankuni) में 118,000 वर्ग फुट का नया प्लांट ₹10.45 करोड़ के प्लांट और मशीनरी और ₹7.23 करोड़ की सुविधा लागत के साथ अधिग्रहित किया गया है। यूनिट I में 6,000 Kms और यूनिट II में 22,000 Kms की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी (Installed Capacity) को भी बढ़ाया गया है।
साथ ही, कंपनी मार्जिन (Margin) बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट लाइन्स जैसे MVCC, AL-59, HTLS और HT केबल में भी उतर रही है।
कॉम्पिटिशन और भविष्य के संकेत
भारतीय केबल इंडस्ट्री में JD Cables का मुकाबला Polycab India Ltd, KEI Industries Ltd, और Skipper Ltd जैसे दिग्गजों से है। हालांकि, JD Cables का आक्रामक विस्तार और ईपीसी प्रोजेक्ट्स पर फोकस इसे खास सेगमेंट में कड़ी टक्कर देने की स्थिति में लाता है।
कंपनी के फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स (Forward-looking Statements) सरकारी नीतियों, आर्थिक बदलावों और तकनीकी प्रगति जैसे जोखिमों के अधीन हैं। निवेशकों की नजर सफल ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट्स के निष्पादन, नए प्रोडक्ट लाइन्स की स्वीकार्यता, वेंडर अप्रूवल और डांकुनी प्लांट के प्रदर्शन पर रहेगी।
