फाइनेंशियल परफॉरमेंस (FY26)
इस फाइनेंशियल ईयर (FY26) में JBM Auto का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹6,227.30 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल के ₹5,625.91 करोड़ से ज़्यादा है। वहीं, शेयरधारकों के लिए शुद्ध मुनाफा (Profit) भी ₹200.75 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹201.91 करोड़ पर पहुंच गया। यह ग्रोथ कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दिखाता है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर खास फोकस
कंपनी की एक बड़ी स्ट्रेटेजिक (Strategic) घोषणा यह है कि उसने अपने ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) डिवीजन का नाम बदलकर 'EV Business' कर दिया है। यह बदलाव इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर पर कंपनी के बढ़ते ज़ोर और निवेश को सीधे तौर पर दर्शाता है। JBM Auto इलेक्ट्रिक व्हीकल के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का तोहफा
कंपनी ने अपने शेयरधारकों (Shareholders) को भी तोहफा दिया है। बोर्ड ने FY26 के लिए 85% का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) देने की सिफारिश की है। यानी, प्रति इक्विटी शेयर ₹0.85 का भुगतान किया जाएगा, बशर्ते शेयरधारकों की मंजूरी मिल जाए।
एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स रूल्स का आकलन
JBM Auto अब नए 'एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स) रूल्स, 2025' के असर का भी आकलन कर रही है। इन नियमों के तहत वाहन निर्माताओं पर व्हीकल स्क्रैपिंग (Scrapping) के प्रबंधन की विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (Extended Producer Responsibility - EPR) होगी। हालांकि, इन वित्तीय दायित्वों के लिए अभी मूल्य निर्धारण (Pricing) और मापन (Measurement) के बारे में स्पष्टता नहीं है, जिससे इनके सटीक प्रभाव का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है।
इंडस्ट्री में JBM Auto
इंडस्ट्री के लिहाज़ से, JBM Auto अब एक ऐसे डायनामिक सेक्टर में काम कर रही है जहाँ Motherson Sumi Systems Ltd और Sona BLW Precision Forgings Ltd जैसी कंपनियां भी EV कंपोनेंट्स में निवेश कर रही हैं। Tata Motors यात्री वाहन सेगमेंट में लीड कर रही है। निवेशकों की नज़रें डिविडेंड की मंजूरी, ELV रूल्स के स्पष्टीकरण और JBM Auto के 'EV Business' डिवीजन के विकास पर टिकी रहेंगी।
