कर्ज चुकाने में फिसड्डी हुई JAL
Jaiprakash Associates Limited (JAL) ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया है कि कंपनी मार्च 2026 के अपने लोन पर ब्याज (interest) और मूलधन (principal) की किस्तों का भुगतान करने में डिफॉल्ट कर गई है। यह डिफॉल्ट तब हुआ है जब JAL पहले से ही कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है, जो 3 जून, 2024 से जारी है।
Adani के अधिग्रहण को NCLT की मंजूरी
हालांकि, इस वित्तीय संकट के बीच एक बड़ी डेवलपमेंट यह है कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 17 मार्च, 2026 को Adani Enterprises Limited (AEL) द्वारा JAL के अधिग्रहण के लिए पेश किए गए रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है।
भारी-भरकम है कर्ज़ का बोझ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, JAL पर कुल अनुमानित वित्तीय देनदारी ₹55,357.39 करोड़ रुपये बताई गई है। यह आंकड़ा शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के कर्ज़ को मिलाकर है।
निवेशकों के लिए चिंता की लकीरें
यह डिफॉल्ट नए मालिक के हाथों में कंपनी के हस्तांतरण (handover) को जटिल बना सकता है। NCLT की मंजूरी के तहत, JAL के शेयर्स को डीलिस्ट (delisted) कर दिया जाएगा और मौजूदा शेयरधारकों को उनके निवेश का कोई मूल्य नहीं मिलेगा, क्योंकि कंपनी की संपत्ति उसके कर्ज़ को चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
पुराने दर्द और आगे की राह
जयप्रकाश एसोसिएट्स (Jaypee Group) का हिस्सा JAL, कई सालों से गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही थी, जिसके कारण कर्जदाताओं ने इनसॉल्वेंसी याचिकाएं दायर की थीं। अब Adani Enterprises के रेजोल्यूशन प्लान के एग्जीक्यूशन पर सबकी निगाहें होंगी, खासकर इस बात पर कि मौजूदा डिफॉल्ट्स और भारी वित्तीय देनदारियों का प्रबंधन कैसे किया जाएगा।
