गुजरात के रतनपर में 4 MWp का यह सोलर पावर प्लांट 30 मार्च, 2026 से ऑपरेशनल हो गया है। Investment & Precision Castings Ltd (IPCL) इस प्लांट का इस्तेमाल अपनी बिजली की ज़रूरतें पूरी करने (कैप्टिव कंजम्पशन) के लिए करेगी।
इस पहल से कंपनी को ग्रिड इलेक्ट्रिसिटी पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, जिससे ऑपरेटिंग कॉस्ट (Operating Cost) में खासी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, यह IPCL के कार्बन फुटप्रिंट (Carbon Footprint) को घटाने और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के क्षेत्र में पहले से सक्रिय है। उनके पास पहले से 2 विंड टर्बाइन हैं, जिनमें से हर एक की क्षमता 1250 kW है।
यह सोलर प्लांट सीधा ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर (Operational Expenditure) को टारगेट करता है, जो मैन्युफैक्चरिंग फर्म्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अपनी बिजली खुद बनाकर IPCL बढ़ती हुई ग्रिड इलेक्ट्रिसिटी कीमतों के असर से बच सकती है।
इसके अलावा, पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) के मुद्दे आज के दौर में इन्वेस्टर्स (Investors) और स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) के लिए अहम हो गए हैं। यह प्रोजेक्ट IPCL की सस्टेनेबिलिटी प्रोफाइल को बेहतर बनाता है, जो फाउंड्री इंडस्ट्री में बढ़ते ग्रीन एनर्जी ट्रेंड्स के अनुरूप है।
यह 4 MW का सोलर प्लांट सालाना करीब 70 से 75 लाख यूनिट बिजली पैदा करने की क्षमता रखता है, जो कंपनी की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पूरा करेगा।
