शेयरधारकों ने लोन और रिलेटेड-पार्टी डील्स को दी भारी मंजूरी
International Conveyors Ltd. के शेयरधारकों ने दो अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। पोस्टल बैलट के जरिए हुए मतदान में, लोन या गारंटी एडवांस करने के प्रस्ताव को 99.9904% शेयरधारकों का समर्थन मिला, वहीं रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन (RPTs) के प्रस्ताव को 99.8853% वोट मिले।
ये अप्रूवल कंपनी को अपनी वित्तीय क्षमता (financial flexibility) बढ़ाने और प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों के साथ रणनीतिक वित्तीय सौदे (strategic financial dealings) करने में मदद करेंगे। इसके तहत कंपनी अपने अतिरिक्त फंड (surplus funds) को बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर सकेगी।
क्या कहते हैं नियम?
भारत के कंपनी अधिनियम, 2013 (Companies Act, 2013) के तहत, लोन, गारंटी और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन के लिए शेयरधारकों की सहमति बहुत ज़रूरी होती है। सेक्शन 185 खास तौर पर डायरेक्टरों और संबंधित पक्षों को लोन देने के नियम तय करता है, जिसके लिए अक्सर शेयरधारक की विशेष मंजूरी की ज़रूरत पड़ती है।
कंपनी की स्थिति और आगे की राह
International Conveyors Ltd. भारत की एकमात्र लिस्टेड PVC कन्वेयर बेल्ट निर्माता कंपनी है, जो माइनिंग और बल्क ट्रांसपोर्ट जैसे अहम सेक्टरों को अपनी सेवाएं देती है। कंपनी के महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं और इसका एक विंड एनर्जी डिवीज़न भी है।
कंपनी का इतिहास रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन से जुड़ा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने पहले प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों के साथ ₹325 करोड़ तक का लोन देने और समान राशि के RPTs को मंजूरी देने की योजना का संकेत दिया था।
हालांकि, विश्लेषकों ने Related Parties को दिए जाने वाले इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICDs) को लिक्विडिटी रिस्क (liquidity risk) के तौर पर भी देखा है। यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी अतीत में कुछ रेगुलेटरी जांचों (regulatory scrutiny) से भी गुजरी है, जिसमें BSE और NSE से नोटिस और एक पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर से जुड़े इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) के उल्लंघन पर पेनल्टी शामिल है।
अब देखना यह होगा कि कंपनी इन मंजूरियों का इस्तेमाल करके अपने अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और आने वाली तिमाहियों में रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन का वॉल्यूम क्या रहता है। साथ ही, प्रमोटर ग्रुप की वित्तीय सेहत और कंपनी की लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर भी नज़रें रहेंगी।
