वोटिंग का ऐलान: NHAI समझौते में बदलाव पर यूनिटहोल्डर्स की राय
Interise Trust ने अपने यूनिटहोल्डर्स को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के साथ हुए कंसेशन एग्रीमेंट (Concession Agreement) में प्रस्तावित बदलावों पर अपनी राय देने का मौका दिया है। इसके लिए कंपनी ने पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) और ई-वोटिंग (e-voting) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह वोटिंग मुख्य रूप से SPV (स्पेशल पर्पज व्हीकल) Devihalli Hassan Tollway Private Limited से संबंधित है।
समझौते में क्या होंगे अहम बदलाव?
इस प्रस्तावित अमेंडमेंट (Amendment) का मकसद NHAI के साथ सड़क संपत्ति के रख-रखाव (maintenance), बाईपास (bypasses) के लिए टोलिंग (tolling) और अतिरिक्त लेन (additional lanes) के भुगतान से जुड़ी व्यवस्थाओं को औपचारिक रूप देना है। इन बदलावों से टोल रेवेन्यू (toll revenue) पर लगने वाले एडमिनिस्ट्रेटिव चार्जेस (administrative charges) में भी फेरबदल हो सकता है, जिसका सीधा असर कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है।
वोटिंग प्रक्रिया और नतीजे
यूनिटहोल्डर्स 30 अप्रैल, 2026 से 20 मई, 2026 तक वोट कर सकते हैं। प्रस्ताव को पास करने के लिए डाले गए कुल वोटों का कम से कम 60% समर्थन में होना ज़रूरी है। वोटिंग के नतीजे 22 मई, 2026 या उससे पहले घोषित कर दिए जाएंगे।
यह फैसला क्यों मायने रखता है?
यह वोटिंग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह SPV द्वारा प्रबंधित एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट (infrastructure asset) के ऑपरेशनल फ्रेमवर्क (operational framework) और रेवेन्यू-शेयरिंग (revenue-sharing) के तरीकों को प्रभावित करेगा। NHAI के साथ इन नियमों को स्पष्ट करने से भविष्य में अधिक स्थिरता आएगी। एडमिनिस्ट्रेटिव चार्जेस में कोई भी बदलाव सीधे InvIT के नेट रेवेन्यू (net revenue) पर असर डालेगा, जिससे यूनिटहोल्डर्स को मिलने वाले वितरण (distributions) पर भी फर्क पड़ सकता है।
Interise Trust और SPV की पृष्ठभूमि
Interise Trust एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) के तौर पर काम करता है, जो मुख्य रूप से टोल रोड जैसे रेवेन्यू-जेनरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स का प्रबंधन करता है। Devihalli Hassan Tollway Private Limited, नेशनल हाईवे-48 के Devihalli-Hassan स्ट्रेच के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार SPV है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंसेशन एग्रीमेंट में संशोधन एक सामान्य प्रक्रिया है, खासकर जब नई लेन या बाईपास जोड़े जाते हैं।
इंडस्ट्री में तुलना
IRB InvIT Fund और India Grid Trust जैसे अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) भी अपने यूनिटहोल्डर्स को महत्वपूर्ण परिचालन और एसेट से जुड़े फैसलों में शामिल करते हैं।
अगले कदम
अब सभी की निगाहें यूनिटहोल्डर्स की भागीदारी और 22 मई, 2026 तक आने वाले वोटिंग नतीजों पर होंगी। अगर यह अमेंडमेंट अप्रूव होता है, तो एडमिनिस्ट्रेटिव चार्जेस में संभावित बदलावों का आकलन करना महत्वपूर्ण होगा।
