GST विभाग ने Innovision Limited को 20 मार्च, 2026 को जारी एक आदेश में ₹20.98 करोड़ का टैक्स और पेनल्टी नोटिस भेजा है। यह डिमांड फाइनेंशल ईयर (FY) 2019-20 और FY 2023-24 के GSTR रिटर्न्स से जुड़े विवादों के कारण आई है। इसमें FY 2019-20 के लिए ₹0.47 करोड़ और FY 2023-24 के लिए ₹10.02 करोड़ शामिल हैं।
Innovision Limited का कहना है कि यह डिमांड टिकाऊ नहीं है और कंपनी इसे उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष चुनौती देने का इरादा रखती है। यह कदम भविष्य में लिटिगेशन (litigation) यानी कानूनी कार्रवाई के खर्चों और कुछ हद तक वित्तीय अनिश्चितता का संकेत देता है।
2007 में स्थापित, Innovision Limited भारत के बिजनेस सर्विसेज सेक्टर की एक अहम कंपनी है। यह टोल प्लाजा, सुरक्षा सेवाओं और फैसिलिटी मैनेजमेंट जैसे बड़े ऑपरेशंस को मैनेज करती है और 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है।
कंपनी का अनुमान है कि इस मामले का उसके कारोबार पर कोई खास नकारात्मक असर (material impact) नहीं पड़ेगा। हालांकि, अगर ₹20.98 करोड़ की पूरी मांग की पुष्टि हो जाती है, तो कंपनी को यह राशि चुकानी पड़ सकती है, जिसका असर प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर दिख सकता है।
Innovision, TeamLease Services Ltd. और Quess Corp Ltd. जैसी कंपनियों के समान बिजनेस सर्विसेज सेक्टर में काम करती है। मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशल ईयर के लिए, Innovision ने ₹896 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था।
निवेशक अब Innovision की कानूनी अपील दाखिल करने और टैक्स अथॉरिटीज से मिलने वाले किसी भी फैसले पर बारीकी से नजर रखेंगे।
