बड़ी डील से इनोविज़न की ऑर्डर बुक मजबूत
Innovision Limited को मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनी, MP East Zone Electricity Distribution Co. Ltd. से ₹3,01,38,756 (यानी करीब ₹3.01 करोड़) के मैनपावर सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट 24 अप्रैल 2026 को सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (ऑपरेशन) सर्कल, एमपी ईस्ट ज़ोन इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की ओर से जारी किया गया था। इसके तहत कंपनी स्किल्ड, सेमी-स्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर की सप्लाई करेगी, जिसकी अनुमानित सालाना वैल्यू लगभग ₹30.14 लाख है।
बिज़नेस में विस्तार और विविधीकरण (Diversification)
यह नया कॉन्ट्रैक्ट इनोविज़न के लिए बिज़नेस को और फैलाने का एक अहम मौका है। खास तौर पर, सरकारी क्षेत्र में कंपनी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। इससे कंपनी का क्लाइंट बेस बढ़ेगा और यह मौजूदा मैनपावर सप्लाई और टोल प्लाज़ा मैनेजमेंट जैसे कामों से आगे बढ़कर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी। यह कंपनी की ऑर्डर बुक को भी मजबूत करेगा।
कंपनी की बैकग्राउंड और चुनौतियाँ
Innovision Ltd, जिसने हाल ही में मार्च 2026 में अपना आईपीओ (IPO) पूरा किया है, मैनपावर सर्विसेज, टोल प्लाज़ा मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी ने रेवेन्यू में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है; फाइनेंशियल ईयर 2025 में इसका रेवेन्यू ₹893 करोड़ रहा, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 के ₹510 करोड़ से काफी ज़्यादा है।
हालांकि, कंपनी को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। जुलाई 2025 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक डिबारमेंट नोटिस जारी किया था, जो फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में स्टे पर है। इसके अलावा, कंपनी के पास मज़दूरों से जुड़े 78 विवाद (लेबर डिस्प्यूट्स) अभी भी पेंडिंग हैं, और कंपनी का भुगतान को लेकर रेगुलेटरी स्क्रूटनी का इतिहास भी रहा है। कंपनी के आईपीओ को भी उसकी हाई वैल्यूएशन और बाद में डिस्काउंट लिस्टिंग के लिए नोट किया गया था।
नए कॉन्ट्रैक्ट का प्रभाव
MP Electricity Distribution Co. Ltd. के साथ यह नया कॉन्ट्रैक्ट इनोविज़न के लिए एक नई रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Stream) खोलेगा और करीब ₹3.01 करोड़ के बिज़नेस के साथ ऑर्डर बुक को और मज़बूत करेगा। यह अवार्ड दिखाता है कि कंपनी कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रोसेस के ज़रिए सरकारी कॉन्ट्रैक्ट जीतने में सक्षम है और इससे मध्य प्रदेश सरकार के क्षेत्र में भविष्य में और काम मिलने की उम्मीद जगी है।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम
निवेशकों को कुछ प्रमुख जोखिमों पर नज़र रखनी होगी। NHAI का डिबारमेंट मामला, भले ही अभी स्टे पर हो, एक चिंता का विषय बना हुआ है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहले आई कानूनी चुनौतियों की तरह, अन्य प्रतिस्पर्धियों से भी संभावित कानूनी अड़चनें आ सकती हैं। साथ ही, 78 पेंडिंग लेबर डिस्प्यूट्स ऑपरेशनल कंटीन्यूटी के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर कंपनी की निर्भरता पॉलिसी में बदलाव के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाती है। इसके अलावा, मैनपावर सर्विसेज जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर में बड़े और विविध वर्कफोर्स को मैनेज करने की अपनी आंतरिक ऑपरेशनल जटिलताएं और जोखिम भी शामिल हैं।
मुख्य वित्तीय आँकड़े
स्टैंडअलोन वित्तीय आँकड़ों की बात करें तो, FY25 में रेवेन्यू ₹893 करोड़ रहा, जो FY23 के ₹255 करोड़ से बढ़कर लगभग 86.9% के सीएजीआर (CAGR) पर पहुंचा है। FY25 में स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹29 करोड़ था। FY25 के अंत तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.97 था।
