नतीजों पर असर, फिर भी विस्तार जारी
IndusInd Infra Trust ने FY26 के लिए ₹382.64 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹481.67 करोड़ से काफी कम है। कंपनी की कुल इनकम भी पिछले साल के ₹855.60 करोड़ के मुकाबले FY26 में गिरकर ₹749.07 करोड़ पर आ गई है। वहीं, कंसोलिडेटेड EBITDA में भी साल-दर-साल आधार पर ₹631.95 करोड़ से घटकर ₹555.17 करोड़ हो गया है।
रणनीतिक विस्तार पर फोकस
इन आंकड़ों के बावजूद, ट्रस्ट ने अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने की रणनीति पर जोर दिया है। कंपनी ने तीन नए हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) हाईवे एसेट्स का अधिग्रहण किया है। यह कदम भविष्य में रेवेन्यू बढ़ाने और कंपनी के स्केल को बड़ा करने की ओर इशारा करता है, भले ही अल्पकालिक दबाव के कारण वर्तमान प्रदर्शन प्रभावित हुआ हो।
भविष्य की राह और जोखिम
FY26 के लिए शेयरधारकों को FY25 की तुलना में कम डिस्ट्रीब्यूटेबल इनकम मिलेगी। हालांकि, तीन नए हाईवे एसेट्स के जुड़ने से कंपनी का ऑपरेशनल बेस मजबूत हुआ है। भविष्य में GRIL से 18 अतिरिक्त रोड एसेट्स के लिए राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर (ROFO) के प्रस्तावित समझौते के साथ-साथ थर्ड-पार्टी सेलर्स से एसेट्स खरीदने की मंशा भी कंपनी के ग्रोथ प्लान को सपोर्ट करती है।
नए एसेट अधिग्रहण से कर्ज का स्तर बढ़ने का जोखिम हो सकता है, जिससे फाइनेंस कॉस्ट पर असर पड़ सकता है। हाल ही में अधिग्रहित एसेट्स का सफल इंटीग्रेशन और उनका प्रदर्शन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
क्या रहेगा निवेशकों के लिए खास?
निवेशक GRIL के साथ 18 अतिरिक्त रोड एसेट्स के प्रस्तावित ROFO समझौते पर होने वाली प्रगति पर नज़र रखेंगे। इसके अलावा, तीन नए अधिग्रहित हाईवे एसेट्स के प्रदर्शन, थर्ड-पार्टी से किसी भी नए अधिग्रहण, और कंपनी की कर्ज प्रबंधन रणनीति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
