Inducto Steel FY25: रेवेन्यू बढ़ा, पर घाटा भी गहराया; रेटिंग्स 'स्टेबल'
Inducto Steel Limited (ISL) ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में अपने ऑपरेटिंग इनकम में जबरदस्त 50% की ग्रोथ दर्ज की है, जो पिछले साल के ₹104.05 करोड़ से बढ़कर ₹158.57 करोड़ हो गया है। लेकिन, रेवेन्यू की यह उछाल मुनाफे में तब्दील नहीं हो पाई। कंपनी को FY25 में ₹3.72 करोड़ का नेट लॉस (Profit After Tax) हुआ है, जबकि FY24 में कंपनी ने ₹0.16 करोड़ का हल्का प्रॉफिट कमाया था। इसके अलावा, कंपनी ने ₹2.31 करोड़ का EBITDA लॉस भी दर्ज किया है।
Acuite Ratings का फैसला
इस वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद, Acuite Ratings ने Inducto Steel Limited की क्रेडिट रेटिंग्स को 'Stable' आउटलुक के साथ बनाए रखा है। एजेंसी ने लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज के लिए 'ACUITE BB+' (₹20 करोड़) और शॉर्ट-टर्म फैसिलिटीज के लिए 'ACUITE A4+' (₹80 करोड़) रेटिंग की पुष्टि की है।
रेटिंग्स क्यों बरकरार?
रेटिंग एजेंसी का कहना है कि शिप रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री में ISL की मजबूत पकड़ और स्थापित मौजूदगी इस फैसले के पीछे अहम कारण हैं। 'Stable' आउटलुक यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी को एसेंशियल बैंकिंग फैसिलिटीज का एक्सेस मिलता रहेगा, जो इसके वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और दैनिक ऑपरेशंस के लिए महत्वपूर्ण है।
चुनौती और भविष्य
FY25 में EBITDA और नेट लॉस में गिरावट, साथ ही कंपनी के गियरिंग (Total Debt to Tangible Net Worth) का 0.08x (FY24) से बढ़कर 0.42x (FY25) हो जाना, प्रॉफिटेबिलिटी और डेट मैनेजमेंट की बड़ी चुनौतियों को दर्शाता है। 'Stable' आउटलुक बनाए रखने के लिए कंपनी को अपनी फाइनेंसियल परफॉरमेंस को बेहतर बनाने और डेट को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की आवश्यकता होगी।
इंडस्ट्री का संदर्भ
Inducto Steel मुख्य रूप से शिप रीसाइक्लिंग, शिप ब्रेकिंग और ट्रेडिंग में काम करती है। यह सेक्टर स्वाभाविक रूप से साइक्लिकल है और ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेस व भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होता है। FY25 में रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी की मजबूत एक्जीक्यूशन क्षमता या शिप-ब्रेकिंग कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता को दिखाता है, भले ही ऑपरेशनल कॉस्ट्स और मार्केट की अस्थिरता ने प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित किया हो।
आगे क्या देखें?
निवेशक अब FY26 में ISL की प्रॉफिटेबिलिटी को सुधारने और सस्टेनेबल मुनाफे में बदलने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी के डेट लेवल्स और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में सुधार पर भी ध्यान दिया जाएगा। इन मोर्चों पर कंपनी का प्रदर्शन भविष्य की रेटिंग एक्शन्स को तय करेगा।
