राइट्स इश्यू (Rights Issue) के लिए दस्तावेज़ों को मिली मंज़ूरी
कंपनी की राइट्स इश्यू कमेटी ने ₹49.90 करोड़ के राइट्स इश्यू के लिए अहम दस्तावेज़ों पर मुहर लगा दी है। इस इश्यू का इश्यू प्राइस ₹15 प्रति शेयर तय किया गया है और इसमें 5:7 का एंटाइटलमेंट रेशियो (Entitlement Ratio) रखा गया है।
मुख्य दस्तावेज़ों को मिली हरी झंडी
Indrayani Biotech Limited की राइट्स इश्यू कमेटी की बैठक 28 अप्रैल, 2026 को हुई। इस बैठक में, कमेटी ने प्रस्तावित ₹49.90 करोड़ के राइट्स इश्यू के लिए आवश्यक दस्तावेज़ीकरण को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। इसमें लेटर ऑफ ऑफर (LOF), एब्रिज्ड लेटर ऑफ ऑफर (ALOF), और कंपोजिट एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) जैसे प्रमुख दस्तावेज़ शामिल हैं। इन मंज़ूरियों से कंपनी की नई पूंजी जुटाने की योजना को बढ़ावा मिलेगा।
फंड की ज़रूरत क्यों?
इस राइट्स इश्यू का मुख्य उद्देश्य Indrayani Biotech को कार्यशील पूंजी (Working Capital) मजबूत करने और सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों (General Corporate Needs) को पूरा करने के लिए फंड उपलब्ध कराना है। यह कंपनी की इक्विटी के ज़रिए अपने ऑपरेशंस और ग्रोथ को फंड करने की रणनीति को दर्शाता है। शेयरधारकों के लिए, इसका मतलब इक्विटी बेस का विस्तार और संभावित डाइल्यूशन (Dilution) हो सकता है, साथ ही भविष्य में वैल्यू बढ़ाने के लिए पूंजी भी मिल सकती है।
राइट्स इश्यू का इतिहास
Indrayani Biotech ने पहले भी फाइनेंसिंग के लिए राइट्स इश्यू का इस्तेमाल किया है। 2023 में, कंपनी ने वर्किंग कैपिटल और सामान्य ज़रूरतों के लिए ₹10 प्रति शेयर के भाव पर लगभग ₹25 करोड़ जुटाए थे। ₹49.90 करोड़ का यह नया इश्यू उसी पैटर्न का अनुसरण करता है। कंपनी फूड एंड हॉस्पिटैलिटी, डेयरी, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में काम करती है।
आगे क्या?
इस मंजूरी के बाद, औपचारिक ऑफर डॉक्यूमेंट को रेगुलेटरी बॉडीज़ (Regulatory Bodies) के पास फाइल किया जा सकेगा। पात्र शेयरधारकों को उनके राइट्स एंटाइटलमेंट्स (Rights Entitlements) जल्द ही प्राप्त होंगे। कंपनी अब अपने परिचालन और रणनीतिक उद्देश्यों के लिए फंड सुरक्षित करने के करीब है। सफल सब्सक्रिप्शन और भुगतान के बाद कंपनी का इक्विटी बेस बढ़ेगा।
वित्तीय सेहत और जोखिम
Indrayani Biotech में प्रमोटर होल्डिंग 33.3% है। कंपनी की तीन साल की रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) 5.79% है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) 140.81% काफ़ी ज़्यादा है। FY25 के लिए ₹6 करोड़ के घाटे की रिपोर्ट है, जबकि FY24 में मुनाफा हुआ था। कंपनी का वर्किंग कैपिटल डेज़ FY25 तक बढ़कर 211 दिन हो गया है। कंपनी का इक्विटी बेस बढ़ाने का इतिहास रहा है, जो मौजूदा निवेशकों के लिए डाइल्यूशन का कारण बन सकता है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
Indrayani Biotech विभिन्न सेक्टरों में काम करती है, जिससे सीधे पीयर (Peer) तुलना करना मुश्किल हो जाता है। एग्री-बिजनेस में Kaveri Seed Co. जैसी कंपनियां बड़ी हैं। फूड सेक्टर में LT Foods और KRBL भी बड़ी हैं। Indrayani Biotech का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) ₹55 करोड़ है, जो पीयर ग्रुप के औसत मार्केट कैप ₹94 करोड़ से कम है।
हालिया वित्तीय आंकड़े
FY24 के लिए रेवेन्यू ₹167 करोड़ था, जिसमें ₹10 करोड़ का नेट इनकम (Net Income) दर्ज किया गया था। FY25 में, कंपनी ने ₹6 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) रिपोर्ट किया। ट्रेलिंग बारह महीने (Trailing Twelve Months) के आधार पर डेट टू इक्विटी रेशियो लगभग 140.81% था। वर्किंग कैपिटल डेज़ FY25 तक बढ़कर 211 दिन हो गए।
