ऑडिटेड स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने ₹83.10 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹41.99 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
बोर्ड ने कुछ अहम नियुक्तियों को भी मंजूरी दी है। मिस्टर अभिषेक पारेख को कंपनी का नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और की मैनेजिरियल ऑफिसर बनाया गया है। वहीं, मिस्टर निलेश भोगीलाल गांधी को एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, फाइनेंशियल ईयर 2026-2027 के लिए मेसर्स महाजन एंड ऐबारा चार्टर्ड अकाउंटेंट एलएलपी को इंटरनल ऑडिटर और मेसर्स एन रितेश एंड एसोसिएट्स को कॉस्ट ऑडिटर के तौर पर भी चुना गया है।
यहां यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए साल के फाइनेंशियल आंकड़े पिछले साल से तुलना करने योग्य नहीं हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि Indosolar के ग्रेटर नोएडा प्लांट में कमर्शियल ऑपरेशन्स केवल 11 जुलाई 2024 को ही शुरू हुए थे।
यह नतीजे कंपनी के लिए काफी अहमियत रखते हैं, क्योंकि ये इसके ऑपरेशन्स को फिर से शुरू करने और दिवालियापन (insolvency) से उबरकर दोबारा लिस्ट होने के बाद के पहले पूरे साल के ऑडिटेड फाइनेंशियल डेटा को दर्शाते हैं। लंबे समय तक नुकसान और रीस्ट्रक्चरिंग के दौर से गुजरने के बाद मुनाफा कमाना कंपनी के संभावित टर्नअराउंड (turnaround) का संकेत देता है। नए CFO और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति वित्तीय निगरानी और स्ट्रैटेजिक डायरेक्शन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Indosolar, जो सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल बनाने का काम करती है, का इतिहास वित्तीय चुनौतियों से भरा रहा है। कंपनी भारी घाटे और कर्ज के बोझ के कारण अक्टूबर 2018 से कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजरी थी। इसे अप्रैल 2022 में Waaree Energies ने अधिग्रहित (acquire) कर लिया था। जून 2022 से इसके शेयरों का कारोबार निलंबित था और यह 19 जून 2025 को फिर से लिस्ट हुई। कंपनी की ग्रेटर नोएडा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी, जिसकी क्षमता 1.30 GW है, ने 11 जुलाई 2024 को अपना कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया था। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में कंपनी ने ₹55 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।
निवेशक आने वाली जनरल मीटिंग पर भी नज़र रखेंगे, जहां शेयरहोल्डर मिस्टर निलेश भोगीलाल गांधी की एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति पर वोट देंगे। अगले फाइनेंशियल ईयर के नतीजे ऑपरेशनल शुरुआत के बाद लगातार परफॉर्मेंस और ग्रोथ को आंकने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। यह देखना होगा कि Indosolar भारतीय सोलर सेक्टर में अपनी जगह कैसे बनाती है और प्रतिस्पर्धा का सामना कैसे करती है, खासकर Waaree Energies, Adani Solar जैसी बड़ी कंपनियों के मुकाबले।
31 मार्च 2026 तक के वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो रेवेन्यू ₹83.10 करोड़ था, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹42.00 करोड़ रहा। कंपनी की कुल संपत्ति ₹344.40 करोड़ और कुल नेट वर्थ ₹287.01 करोड़ दर्ज की गई।
