बोर्ड से ईशा श्रीवास्तव का इस्तीफा
Indian Oil Corporation ने शेयर बाजारों को दी जानकारी कि Esha Srivastava 20 अप्रैल, 2026 से बोर्ड की डायरेक्टर पद से हट गई हैं। यह निर्णय 19 अप्रैल, 2026 को उनके पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoP&NG) के साथ सरकारी डेपुटेशन की अवधि पूरी होने के बाद लिया गया है। यह बदलाव SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations 2015 के तहत हुआ है।
गवर्नेंस पर असर
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज़ से बोर्ड में होने वाले ये बदलाव महत्वपूर्ण होते हैं। सरकारी कंपनियों में डेपुटेशन अवधि पूरी होने पर डायरेक्टर्स का हटना व्यवस्था का एक आम हिस्सा है। यह दर्शाता है कि कैसे सरकारी सेवा की अवधि बोर्ड की सदस्यता को प्रभावित करती है।
ईशा श्रीवास्तव का सफर
Ms. Esha Srivastava, जो 2004 बैच की Indian Foreign Service (IFS) अधिकारी हैं, 20 जून, 2025 से Indian Oil बोर्ड में सरकारी नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर जुड़ी थीं। वर्तमान में वे MoP&NG में ज्वाइंट सेक्रेटरी (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) के पद पर हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से M. Phil. किया है और ONGC Videsh Ltd. तथा GAIL (India) Ltd. के बोर्ड में भी काम करने का अनुभव रखती हैं।
बोर्ड में खाली हुआ पद
Ms. Srivastava के जाने से Indian Oil Corporation के बोर्ड में सरकारी नॉमिनी डायरेक्टर का एक पद खाली हो गया है। उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक नए सदस्य की नियुक्ति करेगी।
निवेशकों की नज़र
कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, इस डायरेक्टर के हटने से किसी विशेष जोखिम का संकेत नहीं मिला है। निवेशक और अन्य शेयरधारक इस पद पर होने वाली नई नियुक्ति पर नज़र रखेंगे।
