₹458.69 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट हाथ लगा
Indian Hume Pipe Company Ltd. (IHPC) के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने तेलंगाना में एक महत्वपूर्ण वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए ₹458.69 करोड़ (GST छोड़कर) का एक बड़ा ऑर्डर जीता है। इस वर्क ऑर्डर के लिए कंपनी को लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिल गया है।
प्रोजेक्ट का ब्योरा
यह प्रोजेक्ट ग्रेटर वारंगल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए एक वॉटर सप्लाई इम्प्रूवमेंट स्कीम से जुड़ा है। इसे 24 महीनों के भीतर पूरा किया जाना है और इसके लिए अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (UIDF) से फंडिंग की जाएगी। इस नए ऑर्डर से कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक और मजबूत हुई है, जो भारत के जल अवसंरचना क्षेत्र में उसकी स्थिति को और पुख्ता करता है।
कंपनी की स्थिति और पिछला रिकॉर्ड
1926 में स्थापित, Indian Hume Pipe भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक जानी-मानी कंपनी है, जो पाइपलाइन मैन्युफैक्चरिंग और वॉटर सप्लाई, इरिगेशन व सीवरेज के लिए टर्नकी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी का बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने का एक लंबा इतिहास रहा है। हाल ही में, इसने महाराष्ट्र कृष्ण वैली डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से ₹417.97 करोड़ और तापी इरिगेशन डेवलपमेंट कॉर्प से ₹858.88 करोड़ के ऑर्डर जीते थे। अक्टूबर 2023 तक, कंपनी की ऑर्डर बुक लगभग ₹4,200 करोड़ थी, जो दो साल से अधिक की रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करती है।
ऑर्डर का असर और जोखिम
इस नए ₹458.69 करोड़ के ऑर्डर से अगले 24 महीनों में कंपनी के रेवेन्यू में इजाफा होने की उम्मीद है। हालाँकि, कंपनी कुछ टैक्स संबंधी मुद्दों का भी सामना कर रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए ₹5.73 करोड़ के जुर्माने वाले ऑर्डर जारी किए हैं, जिन पर कंपनी अपील कर रही है। कंपनी का मानना है कि इन विवादों का कोई खास वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन मुकदमेबाजी अनिश्चितता पैदा कर सकती है। किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की तरह, इसमें भी देरी या लागत बढ़ने का जोखिम बना रहता है।
प्रतिस्पर्धी माहौल
IHPC जल अवसंरचना क्षेत्र में VA Tech Wabag और Welspun Enterprises जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। VA Tech Wabag की ऑर्डर बुक जून 2025 तक ₹15,750 करोड़ से अधिक थी, जबकि Welspun Enterprises की ऑर्डर बुक ₹2,805 करोड़ थी। ये सभी कंपनियां सरकारी खर्च बढ़ने से लाभान्वित हो रही हैं, जो सेक्टर में ग्रोथ पोटेंशियल के साथ-साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है।
वित्तीय आंकड़े
फाइनेंशियल ईयर 25 के लिए, IHPC ने लगभग ₹1,491.23 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹558 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
आगे क्या देखें?
निवेशक ग्रेटर वारंगल वॉटर सप्लाई इम्प्रूवमेंट स्कीम की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। भविष्य में नए सरकारी टेंडरों से मिलने वाले ऑर्डर, नए प्रोजेक्ट्स से रेवेन्यू की पहचान और जारी टैक्स अपीलों पर अपडेट महत्वपूर्ण रहेंगे।
