Indian Hume Pipe Company Ltd (IHPL) के जॉइंट वेंचर्स (JVs) ने हाल ही में दो बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹461 करोड़ है।
इनमें से एक JV को 'Construction of Bhagpur Lift Irrigation Scheme Stage 2' का काम मिला है, जो कुल ₹1,716.70 करोड़ का प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में IHPL के हिस्से की रकम ₹343 करोड़ है।
वहीं, दूसरे JV को 'Construction of Ner Lift Irrigation scheme' के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) प्राप्त हुआ है। इस LOI की कुल वैल्यू ₹536.59 करोड़ है, जिसमें IHPL के हिस्से के ₹118 करोड़ शामिल हैं।
खास बात यह है कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स का कंस्ट्रक्शन पीरियड 48 महीने (4 साल) का होगा, और इसके बाद पांच साल तक इनका ऑपरेशन व मेंटेनेंस (O&M) भी JVs द्वारा किया जाएगा।
ये नए ऑर्डर IHPL की ऑर्डर बुक को काफी मजबूत करेंगे और आने वाले सालों के लिए कंपनी की कमाई की विजिबिलिटी (visibility) बढ़ाएंगे। ये प्रोजेक्ट्स देश के महत्वपूर्ण वॉटर सप्लाई और इरिगेशन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़े हैं, जो कंपनी के मुख्य फोकस एरिया में आता है।
IHPL पाइपलाइन मैन्युफैक्चरिंग और एग्जीक्यूशन के साथ-साथ पानी और सिंचाई से जुड़े बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में एक अनुभवी प्लेयर है।
हालांकि, इन प्रोजेक्ट्स से जुड़े कुछ जोखिम भी हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है। 'Ner Lift Irrigation scheme' अभी LOI स्टेज पर है, जिसे फाइनल कॉन्ट्रैक्ट में बदलना बाकी है। इसके अतिरिक्त, एक प्रोजेक्ट 'B1 (Percentage rate contract)' कैटेगरी का है, जिससे अंतिम लागत में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। दोनों प्रोजेक्ट वैल्यू में GST शामिल नहीं है, इसलिए अंतिम इनवॉइस वैल्यू इससे अधिक हो सकती है। कंपनी ₹5.73 करोड़ के इनकम टैक्स पेनल्टी ऑर्डर्स को भी चुनौती दे रही है, हालांकि इसका ज्यादा वित्तीय प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।
आगे चलकर, निवेशकों को 'Ner Lift Irrigation scheme' के LOI का फाइनल कॉन्ट्रैक्ट में बदलना, प्रोजेक्ट्स के कंस्ट्रक्शन की गति और O&M फेज के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
