क्यों गिरी कंपनी की कमाई?
Indian Hume Pipe ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। नतीजों के अनुसार, कंपनी का रेवेन्यू भी 12.45% घटकर ₹1305.57 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹1491.23 करोड़ था।
इस मुनाफे में बड़ी गिरावट का मुख्य कारण पिछले फाइनेंशियल ईयर में मिले बड़े वन-ऑफ गेन्स (one-off gains) का इस साल न मिलना है। इसके अलावा, लंबे समय तक चले मॉनसून और बिलिंग साइकिल में देरी जैसी बाहरी चुनौतियों ने भी कंपनी के रेवेन्यू और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर असर डाला।
क्या हैं कंपनी के पॉजिटिव संकेत?
हालांकि, मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी के लिए कुछ अच्छी खबरें भी हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेल्स में 28% की जोरदार ग्रोथ दर्ज की गई है। कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर ₹5 का डिविडेंड (dividend) घोषित किया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी की ऑर्डर बुक अभी भी ₹4118.97 करोड़ की मजबूत स्थिति में है।
कंपनी ने हाल ही में अपनी क्रेडिट रेटिंग में सुधार देखा है, जो 'A stable' और 'A1' पर पहुंची है। इससे भविष्य में लोन लेने की लागत कम हो सकती है। कंपनी अपनी प्रॉपर्टी को बेचकर और रियल एस्टेट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के जरिए फंड जुटाने पर भी काम कर रही है। साथ ही, प्रमोटर के 22.20% शेयर प्लेज (pledge) से रिलीज हो गए हैं, जो मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाता है।
