IEX के FY2026 के नतीजे
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। IEX ने ₹174.30 करोड़ के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पर ₹129.77 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) हासिल किया है।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹2 का डिविडेंड
शेयरधारकों को रिटर्न देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, IEX के बोर्ड ने FY2026 के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह पिछले साल के ₹1.5 के डिविडेंड से ज्यादा है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 15 मई, 2026 तय की गई है, और यह वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा।
नियामकीय चुनौतियाँ और भविष्य की राह
IEX भारत के प्रमुख एनर्जी एक्सचेंज के तौर पर काम करती है, जो CERC के नियमों के तहत पारदर्शी पावर ट्रेडिंग की सुविधा देती है। हालांकि, कंपनी को हाल के नियामक बदलावों का सामना करना पड़ रहा है। CERC का प्रस्तावित 'मार्केट कपलिंग' फ्रेमवर्क, जिसका मकसद प्राइस डिस्कवरी को सेंट्रलाइज्ड करना है, IEX के मार्केट शेयर और प्राइसिंग पर असर डाल सकता है।
इसके अलावा, SEBI ने अक्टूबर 2025 में आठ एंटिटीज के खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों पर एक अंतरिम आदेश जारी किया था, हालांकि इस पर कोर्ट में स्टे है। 2025 के अंत में कंपनी के फ्लैट तिमाही नतीजों और मार्जिन पर दबाव की खबरें भी सामने आई थीं, जो चुनौतियाँ पेश करती हैं।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
प्रतिस्पर्धा के मोर्चे पर, MCX ने Q3 FY26 में अपने PAT में 151% की जबरदस्त ईयर-ओवर-ईयर ग्रोथ दर्ज की है। वहीं, छोटी पावर एक्सचेंज PXIL कम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही है और उस पर कोई कर्ज नहीं है, जो एक अलग मार्केट स्ट्रैटेजी को दर्शाता है।
निवेशकों को क्या देखना है?
निवेशक अब AGM में फाइनल डिविडेंड की मंजूरी और उसके भुगतान का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, CERC के मार्केट कपलिंग का कार्यान्वयन, SEBI इनसाइडर ट्रेडिंग प्रोब के नतीजे, और IEX के भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन, खासकर रेवेन्यू और मार्जिन के ट्रेंड्स पर बारीक नजर रखेंगे।
