Q2 में घाटा, लेकिन H1 में मुनाफे में कंपनी
India Infraspace Ltd. ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) और पहली छमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹0.26 लाख का टैक्स-पूर्व घाटा (Loss Before Tax) हुआ है, जबकि उसका रेवेन्यू ₹16.00 लाख रहा। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी ने ₹15.73 लाख का मुनाफा (Profit Before Tax) दर्ज किया है।
रीलिस्टिंग की राह में ऑडिट की चिंताएं
कंपनी के शेयर फिलहाल स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्टेड (Delisted) हैं। India Infraspace ने अपने शेयरों को फिर से लिस्ट कराने के लिए Securities Appellate Tribunal (SAT) में अर्जी दी है। हालांकि, इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) बाकी हैं। SAT में SEBI से जुड़े एक मामले की सुनवाई भी चल रही है।
ऑडिटर की गंभीर चेतावनियां
इन नतीजों के साथ, कंपनी के इंडिपेंडेंट ऑडिटर (Independent Auditor) ने एक लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट (Limited Review Report) पेश की है, जिसमें कई गंभीर चिंताओं को उजागर किया गया है। इनमें अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर से ऑडिट ट्रेल (Audit Trail) का अभाव और बैंक बैलेंस का सत्यापन (Verification) न होना शामिल है। ये मुद्दे पिछली रिपोर्ट्स में भी उठाए गए थे। ऑडिटर ने ₹33.19 लाख के प्री-ऑपरेटिव खर्चों (Pre-operative Expenses) को राइट-ऑफ (Write-off) करने की सलाह दी है।
शेयरधारकों पर असर
1995 में स्थापित India Infraspace मुख्य रूप से स्टील उत्पादों और इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार करती है। डीलिस्टेड होने के कारण, शेयरधारक फिलहाल ऐसे सिक्योरिटीज़ (Securities) रखते हैं जिनका सार्वजनिक रूप से कारोबार नहीं किया जा सकता। SAT में चल रही अर्जी का नतीजा इनके निवेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
