नतीजों ने बढ़ाई चिंता, घाटे में इंडिया इन्फ्रास्पेस
India Infraspace Ltd के शेयरधारकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें ₹77.06 लाख का कंसोलिडेटेड घाटा (consolidated loss) दर्ज किया गया है। वहीं, नौ महीनों की अवधि के लिए यह घाटा बढ़कर ₹1.08 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी के स्टैंडअलोन (standalone) नतीजों में भी घाटा देखा गया है, जो तिमाही के लिए ₹24.75 लाख और नौ महीनों के लिए ₹27.32 लाख रहा।
सब्सिडियरी के अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल्स बनीं बड़ी चिंता
नतीजों के बीच एक गंभीर चिंता का विषय सामने आया है। कंपनी के ऑडिटर, GMCA & Co., ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सब्सिडियरी कंपनी, Shaurya Casting Pvt. Ltd., के अंतरिम वित्तीय विवरणों (interim financial information) की उसके अपने ऑडिटर द्वारा स्वतंत्र रूप से समीक्षा (independently reviewed) या ऑडिट नहीं की गई है। यह जानकारी इंडिया इन्फ्रास्पेस के मैनेजमेंट से प्राप्त हुई है, जिसका मतलब है कि कंसोलिडेटेड फिगर्स (consolidated figures) में सब्सिडियरी के अन-ऑडिटेड (unaudited) डेटा का भी हिस्सा हो सकता है। यह कंसोलिडेटेड नतीजों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
लगातार घाटे और बिजनेस सेगमेंट्स
India Infraspace इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी और स्टील जैसे विभिन्न सेक्टर्स में काम करती है। बावजूद इसके, कंपनी लगातार प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) की चुनौतियों से जूझ रही है और इसका इतिहास लगातार घाटे का रहा है। यह कंपनी के विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स में चल रही ऑपरेशनल दिक्कतों को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए सलाह और जोखिम
लगातार कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन घाटे कंपनी के प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े करते हैं। सबसे बड़ा जोखिम सब्सिडियरी Shaurya Casting Pvt. Ltd. के अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल्स से जुड़ा है। यदि यह सब्सिडियरी कंपनी के संचालन का बड़ा हिस्सा है, तो कंसोलिडेटेड नतीजों की सटीकता पर संदेह हो सकता है। निवेशकों को कंपनी के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य का आकलन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
