बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 21 मई, 2025 को 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी के अनऑडिटेड (Unaudited) फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दी। इस तिमाही में, कंपनी का स्टैंडअलोन नेट लॉस (Standalone Net Loss) टैक्स से पहले ₹24.75 लाख रहा।
मुख्य व्यवसाय (Core Business) से शून्य आय का मतलब है कि कंपनी ने इस अवधि में कोई वाणिज्यिक बिक्री (Commercial Sales) नहीं की। यह लगातार घाटे के साथ मिलकर कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) की राह में बड़ी चुनौती पेश करता है।
मामले को और जटिल बनाते हुए, कंपनी अपनी सहायक कंपनी Shaurya Casting Pvt. Ltd. के अनऑडिटेड वित्तीय विवरणों (Unaudited Financial Statements) पर निर्भर है। स्वतंत्र समीक्षा (Independent Review) की कमी के कारण कंसोलिडेटेड वित्तीय आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता पर संदेह बना हुआ है।
पिछले प्रदर्शन पर नज़र डालें तो India Infraspace का इतिहास लगातार घाटे और परिचालन गतिविधियों से न्यूनतम आय का रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY24) में, कंपनी ने ₹1.93 लाख का शुद्ध घाटा दिखाया था, और उसकी कुल आय मुख्य रूप से गैर-प्रमुख स्रोतों (Non-core Sources) से आई थी।
ऐसे विशिष्ट ट्रेडिंग सेगमेंट में जहां आय की प्रोफाइल ऐसी हो, समान लिस्टेड साथियों (Listed Peers) की तुलना करना मुश्किल है। इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टील जैसे बड़े क्षेत्रों में Larsen & Toubro और Rail Vikas Nigam Ltd जैसी कंपनियां बड़े पैमाने पर निर्माण और प्रोजेक्ट निष्पादन (Project Execution) से अच्छी खासी आय और मुनाफा कमाती हैं। यहां तक कि DI पाइप सेक्टर की कंपनियां, जहां India Infraspace की सहायक कंपनी काम कर सकती है, जैसे Electrosteel Castings Ltd, ने FY24 में महत्वपूर्ण मुनाफा (Significant Profits) कमाया था, जो India Infraspace के प्रदर्शन से काफी अलग है।
निवेशकों के लिए, वर्तमान वित्तीय विवरण लाभप्रदता या परिचालन सुधार (Operational Turnaround) का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं दिखाते हैं, खासकर सहायक कंपनी के अनऑडिटेड डेटा से अनिश्चितता को देखते हुए। भविष्य में, कंपनी के मुख्य व्यवसाय से राजस्व उत्पन्न करने, वाणिज्यिक संचालन शुरू करने, या Shaurya Casting Pvt. Ltd. के ऑडिट की स्थिति पर किसी भी घोषणा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन लगातार चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रबंधन की रणनीतिक योजनाओं या नई व्यावसायिक पहलों (New Business Initiatives) की घोषणाओं पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
