Q4 में घाटा, पर पूरे साल मुनाफा:
Ikoma Technologies Ltd ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) की चौथी तिमाही में ₹12.41 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹66.14 लाख का घाटा हुआ था, यानी इसमें सुधार है। लेकिन, इसी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू लगभग शून्य रहा, सिर्फ अन्य स्रोतों से ₹1.09 लाख की कमाई हुई।
पूरे साल का प्रदर्शन:
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, कंपनी ने ₹1.32 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि कुल रेवेन्यू ₹20.33 करोड़ रहा। यह Q4 के निचले प्रदर्शन को दर्शाता है।
कंपनी का सफर:
पहले Vuenow Infratech Limited के नाम से जानी जाने वाली Ikoma Technologies Limited ने नवंबर 2025 में अपना नाम बदला। 1993 में स्थापित यह कंपनी सिंचाई और ग्रीनहाउस मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर IT इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज, डेटा सेंटर ऑपरेशंस और रोड कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रही है।
बड़े Risks और ऑडिटर की चिंताएं:
Ikoma Technologies कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है:
- GST रजिस्ट्रेशन निष्क्रिय: कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन निष्क्रिय पाया गया है, जो एक बड़ा कंप्लायंस रिस्क है।
- ऑडिटर की अनिश्चितता: ऑडिटर कंपनी के कुछ 'sundry balances' की पुष्टि नहीं कर पाए हैं, जिससे बैलेंस शीट का एक हिस्सा अनऑडिटेड रह गया है।
- BSE पेनल्टी: SEBI नियमों का पालन न करने पर कंपनी पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) द्वारा पेनल्टी लगाई गई है।
- ED की जांच: कंपनी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) द्वारा जांच भी चल रही है।
- बढ़ते देनदार: देनदारों को भुगतान में 259 दिन लग रहे हैं, जो वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट को प्रभावित करता है।
- प्रमोटर होल्डिंग में गिरावट: प्रमोटर की हिस्सेदारी घटकर 36.7% रह गई है, जो पिछले तीन सालों में 17.9% कम हुई है।
पीयर तुलना:
IT इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम करने वाली Ikoma Technologies की मार्केट कैप लगभग ₹64.8 करोड़ है। वहीं, इसके आईटी सेक्टर के पीयर जैसे Kaynes Technology India Ltd. और Syrma SGS Technology Ltd. की मार्केट कैप ₹23,716 करोड़ और इससे ज्यादा है।
आगे क्या देखें:
निवेशकों की नजरें कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन को फिर से एक्टिवेट करने, ED जांच के नतीजे, ऑपरेशनल परफॉरमेंस में सुधार और फंड जुटाने की योजनाओं पर रहेंगी।
