ITL Industries Limited ने बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। कंपनी ने अपनी ट्रेडिंग विंडो को 1 अप्रैल, 2026 से बंद करने का फैसला किया है।
यह पाबंदी तब तक लागू रहेगी जब तक कंपनी अपने चौथी तिमाही (Q4) और पूरे वित्तीय वर्ष (FY26) के नतीजे घोषित नहीं कर देती। नतीजों के ऐलान के ठीक 48 घंटे बाद ही यह विंडो फिर से खोली जाएगी।
SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी के अंदरूनी लोगों या 'डिजाइनटेड पर्सन्स' को गैर-सार्वजनिक, मूल्य-संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price-Sensitive Information - UPSI) का गलत इस्तेमाल करने से रोकना है।
कंपनी की हालिया गतिविधियों पर नजर डालें तो ITL Industries ने हाल ही में BSP, बोकारो से ट्यूब मिल्स के लिए लगभग ₹54 करोड़ का बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। इसके अलावा, 18 मार्च, 2026 को कंपनी ने अपनी एक गैर-प्रमुख सब्सिडियरी, M.M. Metals Private Limited में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए शेयर बिक्री समझौते को अंतिम रूप दिया। हाल ही में बोर्ड मीटिंग्स में रूटीन वित्तीय समीक्षाएं और नए इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति जैसे मामले भी शामिल रहे।
इस बंद विंडो पीरियड के दौरान, 1 अप्रैल, 2026 से लेकर नतीजों के बाद बताए गए 48 घंटों तक, कंपनी के 'डिजाइनटेड पर्सन्स' और उनके करीबी रिश्तेदारों को ITL Industries के शेयरों की खरीद-बिक्री करने की मनाही है।
SEBI इस मामले में लगातार सतर्क है और ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के नियमों का सख्ती से पालन करवाने पर जोर दे रहा है।