सरकारी कंपनी ITI Limited ने अपने एक अहम पद पर नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के डायरेक्टर (मार्केटिंग) श्री रमना बाबू सीवी अब अगले 6 महीनों तक डायरेक्टर (फाइनेंस) का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगे। यह व्यवस्था 15 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के वित्तीय कामकाज में स्थिरता लाना है, खासकर तब जब कंपनी एक स्थायी डायरेक्टर (फाइनेंस) की तलाश कर रही है। श्री रमना बाबू सीवी ने पहली बार अक्टूबर 2025 में पिछला पद खाली होने के बाद फाइनेंस डायरेक्टर का अतिरिक्त चार्ज संभाला था। इस नए एक्सटेंशन से यह संकेत मिलता है कि स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है।
इस एक्सटेंशन से अगले 6 महीनों तक दैनिक वित्तीय संचालन, रिपोर्टिंग और प्लानिंग में स्थिरता बनी रहेगी। कंपनी नए स्थायी डायरेक्टर की नियुक्ति की कोशिशें जारी रखेगी। हालांकि, निवेशकों की नज़र कंपनी की वित्तीय सेहत पर भी है। ऑडिटर की चिंताएं (Auditor's Concerns) कि क्या कंपनी 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के तौर पर काम कर पाएगी, और बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) की कमी जैसी चिंताएं बनी हुई हैं। इस अतिरिक्त चार्ज का अस्थायी होना भी एक स्मूथ हैंडओवर (Smooth Handover) की जरूरत को बताता है।
ITI Limited, टेलीकॉम इक्विपमेंट सेक्टर (Telecom Equipment Sector) में HFCL, Sterlite Technologies और Tejas Networks जैसी कंपनियों से मुकाबला करती है। जहां Sterlite और Tejas जैसी कंपनियां रेवेन्यू ग्रोथ दिखा रही हैं, वहीं ITI Limited को पिछले कुछ समय में रेवेन्यू में गिरावट और ऑडिटर की चिंताओं का सामना करना पड़ा है। ऐसे में, फाइनेंस में लीडरशिप की निरंतरता ऑपरेशनल स्टेबिलिटी (Operational Stability) के लिए महत्वपूर्ण है।
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा स्थायी डायरेक्टर (फाइनेंस) की नियुक्ति, वित्तीय पुनर्गठन (Financial Restructuring) और ऑपरेशनल सुधारों पर अपडेट का इंतजार रहेगा। साथ ही, 'गोइंग कंसर्न' स्थिति से जुड़ी ऑडिट क्वालिफिकेशंस (Audit Qualifications) को दूर करने में कंपनी की प्रगति पर भी नजर रखनी होगी।
