CFO का इस्तीफा और अनिश्चितता का माहौल
ITI Limited ने घोषणा की है कि कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO), श्री प्रसाद बैरे, 30 अप्रैल 2026 के कारोबारी घंटों की समाप्ति से अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। कंपनी ने बताया है कि यह इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, श्री बैरे अब कंपनी के 'की मैनेजेरियल पर्सनल' (Key Managerial Personnel) के तौर पर नहीं रहेंगे।
ITI की गहरी वित्तीय और गवर्नेंस समस्याएँ
सरकारी कंपनी ITI की यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हाल के दिनों में कंपनी भारी वित्तीय कठिनाइयों से गुजर रही है। पिछले नौ महीनों (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में, कंपनी के रेवेन्यू में 39.47% की भारी गिरावट आई है, और कंपनी ने ₹133.40 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। स्थिति तब और बिगड़ी जब Q3 FY26 के नतीजे आए, जिसमें साल-दर-साल रेवेन्यू में 50.27% की गिरावट देखी गई, और ₹25.33 करोड़ का घाटा (बिफोर टैक्स) हुआ।
इस वित्तीय सेहत पर चिंता तब और बढ़ी जब ITI के स्टैचुटरी ऑडिटर ने Q3 FY26 के वित्तीय नतीजों पर 'डिस्क्लेमर ऑफ कंक्लूजन' (Disclaimer of Conclusion) जारी कर दिया। ऑडिटर्स ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (going concern) के तौर पर जारी रहने की क्षमता को लेकर एक महत्वपूर्ण अनिश्चितता जताई है, जिसमें रेवेन्यू रिकॉग्निशन, रिसीवेबल्स और इन्वेंट्री वैल्यूएशन जैसे मुद्दों का जिक्र है।
गवर्नेंस के मोर्चे पर भी ITI की स्थिति कमजोर है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) के अनुसार आवश्यक संख्या में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी पाई गई है, जो गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि श्री प्रसाद बैरे की CFO के तौर पर नियुक्ति अपेक्षाकृत हाल ही में, 13 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसका मतलब है कि उनका कार्यकाल इस्तीफे से पहले ही छोटा रहा।
आगे क्या? प्रमुख जोखिम और उम्मीदें
CFO जैसे महत्वपूर्ण पद पर खालीपन कंपनी की वित्तीय रणनीति के क्रियान्वयन और उसके वित्तीय सुधार के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों की नजरें नए CFO की नियुक्ति प्रक्रिया पर होंगी।
ITI के सामने मुख्य जोखिमों में शामिल हैं:
- नेतृत्व में गैप: एक स्थायी CFO के बिना, वित्तीय निर्णय लेने और योजना बनाने में देरी हो सकती है।
- ऑडिट और गवर्नेंस की चिंताएं: ऑडिटर द्वारा उठाए गए मुद्दे और गवर्नेंस की चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
- वित्तीय स्थिरता: कंपनी को अपने वित्तीय नतीजों को सुधारने और संचालन की क्षमता पर संदेह को दूर करने का दबाव बना रहेगा।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में, ITI Limited, HFCL, Sterlite Technologies और Tejas Networks जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। जहां ITI लिमिटेड को हालिया अवधि में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा है, वहीं Sterlite Technologies और Tejas Networks जैसी कंपनियों ने हालिया रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।
आगे क्या होता है, यह नए CFO की नियुक्ति की समय-सीमा, ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने में प्रगति, बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति और कंपनी के वित्तीय टर्नअराउंड (जैसे जमीन जैसी संपत्ति का मुद्रीकरण) पर निर्भर करेगा।
