इनकम टैक्स विभाग का बड़ा नोटिस
ISGEC Heavy Engineering लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि उसकी सब्सिडियरी, Saraswati Sugar Mills Limited, को इनकम टैक्स विभाग की ओर से असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए एक ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी पर ₹18.80 करोड़ की टैक्स डिमांड डाली गई है। विभाग के अनुसार, कंपनी द्वारा दावा किए गए कुछ खर्चों (expenditures) को अनुमति नहीं दी गई है, जिसके चलते यह डिमांड निकली है।
अपील की तैयारी और मैनेजमेंट का भरोसा
Saraswati Sugar Mills इस इनकम टैक्स ऑर्डर को स्वीकार नहीं कर रही है और इसके खिलाफ तुरंत कदम उठा रही है। कंपनी ने कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (Appeals) के पास अपील दायर कर दी है। कंपनी के मैनेजमेंट का पूरा भरोसा है कि अपील के दौरान इस पूरी ₹18.80 करोड़ की डिमांड को रद्द (full deletion) कर दिया जाएगा।
तत्काल वित्तीय प्रभाव पर नजर
हालांकि ₹18.80 करोड़ की यह टैक्स डिमांड काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन कंपनी की तेजी से की गई अपील और मैनेजमेंट के आत्मविश्वास को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि इसका कंपनी पर तत्काल कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव (immediate financial impact) नहीं पड़ेगा। फिलहाल, सारा ध्यान इस अपील के नतीजों पर है।
कंपनी का परिचय
ISGEC Heavy Engineering एक विविध (diversified) मैन्युफैक्चरिंग और EPC सर्विसेज कंपनी है जो शुगर, पावर और ऑयल & गैस जैसे प्रमुख सेक्टर्स में अपनी सेवाएं देती है। Saraswati Sugar Mills, ISGEC के शुगर बिजनेस सेगमेंट का एक अभिन्न अंग है।
आगे क्या हो सकता है?
Saraswati Sugar Mills अब कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (Appeals) के समक्ष इस टैक्स डिमांड का पक्ष रखेगी। मैनेजमेंट को पूरी उम्मीद है कि ₹18.80 करोड़ की यह डिमांड अंततः हटा दी जाएगी, जिससे मामला जल्द ही सुलझ सकता है। यह भी संभव है कि सब्सिडियरी अपील के नतीजे आने तक पेमेंट को टाल दे, अगर वह डिमांड पर स्टे (stay) हासिल करने में सफल रहती है। यह मामला मुख्य रूप से सब्सिडियरी से जुड़ा है और यदि अपील सफल रहती है तो ISGEC के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल (consolidated financials) पर कोई असर पड़ने की संभावना कम है।
