शेयरहोल्डर्स का भरोसा और नेतृत्व की निरंतरता (Shareholder Confidence & Leadership Continuity)
कंपनी के मैनेजमेंट पर शेयरहोल्डर्स का भरोसा नतीजों में साफ झलका। हाल ही में 28 मार्च, 2026 को पोस्टल बैलट (Postal Ballot) के जरिए हुए मतदान के नतीजे बताते हैं कि मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य पुरी को 90.79% वोट मिले। वहीं, जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर्स किशोर चटनानी और संजय गुलाटी को लगभग 99.97% वोटर्स का समर्थन हासिल हुआ, जबकि इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अरविंद सागर को 91.73% वोटों से दोबारा चुना गया।
नई भूमिकाएं और सैलरी (New Roles & Remuneration)
आदित्य पुरी का नया कार्यकाल 1 मई, 2026 से शुरू होगा। किशोर चटनानी, संजय गुलाटी और अरविंद सागर अपने अगले 5 साल के कार्यकाल की शुरुआत 28 जून, 2026 से करेंगे। इस दौरान, किशोर चटनानी को सालाना अधिकतम ₹3.52 करोड़, संजय गुलाटी को सालाना अधिकतम ₹3.53 करोड़ और आदित्य पुरी को कंपनी के नेट प्रॉफिट का 2.5% तक रेम्यूनरेशन (Remuneration) मिलेगा।
कंपनी की मजबूती और आगे की राह (Company's Strength & Future Path)
इस भारी समर्थन से ISGEC अपनी रणनीतिक दिशा को बनाए रखने, ऑपरेशंस को सुचारू रूप से चलाने और ग्लोबल लेवल पर निवेशकों का विश्वास बनाए रखने में सफल रहेगी। कंपनी, जिसकी स्थापना 1933 में हुई थी, हेवी इंजीनियरिंग सेक्टर में एक बड़ा नाम है। यह प्रोसेस प्लांट इक्विपमेंट, प्रेस, कास्टिंग, बॉयलर बनाती है और दुनिया भर में बड़े EPC प्रोजेक्ट्स भी करती है।
हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो कंपनी का ऑर्डर बुक (Order Book) ₹8,709 करोड़ पर मजबूत है। Q3 FY26 में, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹69.78 करोड़ और रेवेन्यू ₹1,756.35 करोड़ रहा। कंपनी ने अपनी फाइनेंसियल हेल्थ को भी मजबूत बनाए रखा है, जिसमें कम ब्याज खर्च शामिल है।
ध्यान देने योग्य बातें (Points to Watch)
हालांकि, कंपनी और उसकी सब्सिडियरी (Subsidiary) पर कुछ रेगुलेटरी चुनौतियां (Regulatory Challenges) भी हैं। Saraswati Sugar Mills Ltd. पर ₹18.80 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस आया है, जिसे अपील में डाला गया है। GST पेनल्टी ऑर्डर्स का भी मामला विचाराधीन है।
निवेशक इन अपील्स के नतीजों का इंतजार करेंगे, साथ ही डायरेक्टर्स के नए टर्म शुरू होने और कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Growth Strategy) के प्रभावी कार्यान्वयन पर भी नजर रखेंगे।
