कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो Q4 FY26 में रेवेन्यू में साल-दर-साल (YoY) 24.2% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए रेवेन्यू ₹1,632 करोड़ तक पहुंच गया, जिसमें 21.2% का इजाफा देखा गया।
प्रॉफिटेबिलिटी की बात करें तो, Q4 FY26 में एडजस्टेड EBITDA ₹108 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 13.4% ज्यादा है। पूरे साल के लिए यह ₹388 करोड़ रहा, जिसमें 20.2% की ग्रोथ दर्ज की गई। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) तिमाही में ₹72 करोड़ (9.0% YoY) और सालाना ₹261 करोड़ (19.3% YoY) रहा।
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने FY26 के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी प्रस्तावित किया है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
ऑर्डर बुक की बात करें तो Q4 FY26 में कंपनी को ₹504 करोड़ के नए ऑर्डर मिले। इसके साथ ही, कंपनी का कुल ऑर्डर बैकलॉग (Order Backlog) ₹1,514 करोड़ तक पहुंच गया है, जो आने वाली तिमाहियों के लिए रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी देता है।
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी के विभिन्न सेक्टर्स में क्रायोजेनिक सॉल्यूशंस (Cryogenic Solutions) की मजबूत मांग है। एक बड़ी खबर यह है कि INOX India ने एक प्रमुख अमेरिकी प्राइवेट स्पेस कंपनी से एक महत्वपूर्ण एयरोस्पेस ऑर्डर (Aerospace Order) हासिल किया है। भविष्य की ग्रोथ को संभालने के लिए, कंपनी ने गुजरात के कांदला में अपनी पांचवीं मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी (Manufacturing Facility) के लिए जमीन का अधिग्रहण भी किया है।
कंपनी ने अपने ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट सेगमेंट (Transport Equipment Segment) में 300 से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री का मील का पत्थर पार किया है और बेवरेज केग डिविजन (Beverage Keg Division) में भी प्रगति देखी है।
यह विस्तार INOX India के दिसंबर 2023 में हुए IPO के बाद आया है, जिसने ₹740 करोड़ जुटाए थे। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है।
