Huhtamaki India ने Q1 CY26 में 24.8% की मजबूत EBITDA ग्रोथ दर्ज की है। यह शानदार परफॉरमेंस कंपनी के हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर चुनिंदा फोकस (selective focus) और ऑपरेशनल एफिशियंसी का नतीजा है। MD कमल तनेजा (Kamal Taneja) और CFO अमित गुप्ता (Amit Gupta) ने बताया कि कंपनी अब वॉल्यूम की जगह प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने वाली स्ट्रेटेजी पर चल रही है।
हालांकि, नतीजों पर एक ₹88 मिलियन के डेप्रिसिएशन चार्ज का असर पड़ा। यह एक-मुश्त (one-time) चार्ज पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY24 और FY25) में डेप्रिसिएशन की गलत अकाउंटिंग मेथड को ठीक करने के लिए लगाया गया था।
इसके साथ ही, कंपनी दमन (Daman) में अपनी एक प्रॉपर्टी बेच रही है, जहां पहले से ही कामकाज सीमित कर दिया गया था। खोपोली (Khopoli) में एक बड़ा सोलर प्रोजेक्ट भी लगभग पूरा होने वाला है, जिससे साल की दूसरी छमाही (H2 CY26) से कंपनी को एनर्जी कॉस्ट में फायदा मिलने की उम्मीद है।
रणनीतिक रूप से, कंपनी का वैल्यू-एडिशन पर जोर है, जिसका मकसद लॉन्ग-टर्म में प्रॉफिटेबिलिटी और रेवेन्यू स्ट्रीम को मजबूत करना है।
दूसरी ओर, कच्चे माल की कीमतों में लो से मीडियम डबल-डिजिट (लगभग 10-20%) की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो एक बड़ी चुनौती है। मैनेजमेंट का कहना है कि इन बढ़ती कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डालना मार्जिन के लिए अहम होगा। भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं (Geopolitical uncertainties) इन कीमतों को और बढ़ा रही हैं।
EPL Ltd और TCPL Packaging Ltd जैसे प्रतिद्वंद्वियों के बीच, Huhtamaki India खास नीश (niche) सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भविष्य में, निवेशक कंपनी की लागत में कमी, एनर्जी एफिशियंसी और चुनिंदा ग्रोथ स्ट्रेटेजी के नतीजों पर नजर रखेंगे।