Honda India Power Products Limited (HIPP) अपनी लीडरशिप की निरंतरता (leadership continuity) और एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन (executive compensation) को लेकर कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) के तहत एक अहम कदम उठा रही है। कंपनी ने अपने दो शीर्ष अधिकारियों, श्री शिगेकी इवामा और श्री विनय मित्तल, की पुनर्नियुक्ति और उनके पारिश्रमिक (remuneration) पर शेयरधारकों की राय जानने के लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू की है।
क्या है यह प्रक्रिया?
कंपनी ने श्री शिगेकी इवामा को चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD), प्रेसिडेंट और CEO के पद पर 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, होल टाइम डायरेक्टर श्री विनय मित्तल का पारिश्रमिक कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक के लिए तय किया जाएगा।
शेयरधारक 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग (e-voting) के माध्यम से अपने मत दे सकते हैं। मतदान के नतीजे 4 मई 2026 तक घोषित किए जाने की उम्मीद है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अप्रूवल?
एग्जीक्यूटिव्स की नियुक्ति और उनके वेतन ढांचे पर शेयरधारकों की मंजूरी लेना एक पारदर्शी और जवाबदेह कॉर्पोरेट गवर्नेंस का हिस्सा है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि वरिष्ठ प्रबंधन का कंपनसेशन शेयरधारकों के हितों के साथ संरेखित (aligned) हो।
कंपनी का बैकग्राउंड
Honda India Power Products Limited भारत के पावर इक्विपमेंट सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी है। यह पोर्टेबल जनरेटर, वॉटर पंप और इंजन जैसे उत्पादों का निर्माण और विपणन करती है। यह कंपनी जापान की Honda Motor Co., की सहायक कंपनी (subsidiary) है।
पिछला पारिश्रमिक और प्रस्तावित पैकेज
फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में, श्री शिगेकी इवामा का पिछला वार्षिक पारिश्रमिक लगभग ₹262 लाख था, जबकि श्री विनय मित्तल का यह आंकड़ा लगभग ₹276 लाख था।
प्रस्तावित नए कार्यकाल (FY27, अप्रैल-सितंबर) के लिए, श्री इवामा का मासिक बेसिक सैलरी ₹75,000 रहेगा, जापान में अधिकतम मासिक रीइंबर्समेंट ₹20 लाख और स्पेशल अलाउंस ₹12.5 लाख तक हो सकता है। वहीं, श्री मित्तल के मासिक पैकेज में अधिकतम बेसिक सैलरी ₹9,26,222, अधिकतम परक्विजिट्स (perquisites) ₹4,63,111 और हाउसिंग अलाउंस ₹1,98,482 तक शामिल है।
आगे क्या?
शेयरधारकों के वोटों के परिणाम कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होंगे। नतीजों के ऐलान के बाद ही पता चलेगा कि कंपनी के प्रस्तावित पुनर्नियुक्ति और वेतन ढांचे को कितनी मंजूरी मिलती है।