बड़ा फेरबदल: हिंदुस्तान जिंक के CFO ने छोड़ा पद
Hindustan Zinc Limited ने 4 मई, 2026 को घोषणा की कि उनके मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) संदीप मोदी 30 मई, 2026 को कंपनी से कार्यभार मुक्त हो जाएंगे। वे अपने करियर में नए अवसर तलाशने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। कंपनी ने नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए एक नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है।
मोदी का कार्यकाल और अनुभव
संदीप मोदी अप्रैल 2023 में हिंदुस्तान जिंक में CFO और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक (KMP) के तौर पर शामिल हुए थे। उन्हें वित्त, लेखा और कॉर्पोरेट बैंकिंग के क्षेत्र में 18 साल से अधिक का अनुभव है। इससे पहले, वह वेदांता ग्रुप की ही दो अन्य कंपनियों - भारत एल्युमीनियम कंपनी और तलवंडी साबो पावर में CFO रह चुके हैं। हिंदुस्तान जिंक में अपने कार्यकाल के दौरान, मोदी ने कंपनी के महत्वपूर्ण वित्तीय सौदों और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
SEBI की चेतावनी और नेतृत्व का दबाव
यह अहम फेरबदल तब हो रहा है जब कंपनी हाल ही में अप्रैल 2026 में SEBI से प्रक्रियात्मक अनुपालन में कुछ चूक के चलते एक प्रशासनिक चेतावनी प्राप्त कर चुकी है, हालांकि इस मामले में कोई पेनाल्टी नहीं लगाई गई थी।
कंपनी की अगली चाल
हिंदुस्तान जिंक का बोर्ड अब नए CFO के चयन की प्रक्रिया की देखरेख करेगा, जिसका लक्ष्य एक योग्य व्यक्ति को नियुक्त करना है जो कंपनी की वित्तीय प्रबंधन और परिचालन स्थिरता को बनाए रख सके। निवेशक इस नियुक्ति की समय-सीमा और चुने गए उम्मीदवार की प्रोफाइल पर बारीकी से नजर रखेंगे। नए CFO के पदभार संभालने तक, वित्तीय रिपोर्टिंग और रणनीतिक वित्तीय निर्णयों के लिए अंतरिम व्यवस्था की जाएगी।
वित्तीय मोर्चे पर मजबूती
सेक्टर और वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, हिंदुस्तान जिंक धातु और खनन क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए पूरे वित्तीय वर्ष के लिए, कंपनी ने ₹40,844 करोड़ का रिकॉर्ड वार्षिक राजस्व और ₹13,832 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं, 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में ₹13,544 करोड़ का राजस्व और ₹5,033 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया।
सेक्टर की स्थिति
कंपनी का संचालन वेदांता लिमिटेड की मूल कंपनी के तहत होता है, जिससे नेतृत्व में बदलाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। हिंदुस्तान जिंक के प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में वेदांता लिमिटेड, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड शामिल हैं।
