पानीपत में आइसक्रीम की मिठास
Hindustan Foods Limited (HFL) ने हरियाणा के पानीपत में अपनी बिल्कुल नई फैसिलिटी (Facility) में आइसक्रीम का कमर्शियल प्रोडक्शन (Commercial Production) शुरू कर दिया है। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपना अब तक का सबसे बड़ा ₹36.12 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है।
क्यों है यह अहम?
यह विस्तार HFL की भारत के तेजी से बढ़ते आइसक्रीम बाजार में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की एक स्ट्रैटेजिक (Strategic) चाल है। कंपनी अपनी सिद्ध कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग (Contract Manufacturing) स्किल्स का इस्तेमाल करके इस लाभदायक सेक्टर में अपनी जगह बनाने और अपने मौजूदा एफएमसीजी (FMCG) प्रोडक्ट्स से परे रेवेन्यू के स्रोतों को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
पूरी कहानी
HFL लगातार फूड्स और बेवरेजेज (Beverages) में डाइवर्सिफाई (Diversify) कर रही है, जिसमें आइसक्रीम एक प्रमुख फोकस है। कंपनी ने मई 2025 में ही अपने नासिक प्लांट में आइसक्रीम प्रोडक्शन शुरू किया था। HFL ने पानीपत फैक्ट्री के लिए जमीन का अधिग्रहण किया और निर्माण शुरू किया, जिसका लक्ष्य भारत का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट आइसक्रीम मैन्युफैक्चरर बनना है। इस ग्रोथ स्ट्रैटेजी में महत्वपूर्ण कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) और फ्लेवर्ड योगर्ट प्लांट (Flavored Yogurt Plant) जैसे पूर्व निवेश शामिल हैं। ₹36.12 करोड़ का रिकॉर्ड PAT कंपनी की इन विस्तार योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
क्या बदला?
- HFL के मैन्युफैक्चरिंग पोर्टफोलियो (Manufacturing Portfolio) में अब आइसक्रीम का भी इजाफा हुआ है।
- पानीपत प्लांट से कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी (Production Capacity) और भौगोलिक पहुंच (Geographic Reach) बढ़ी है।
- कंपनी भारत के बड़े और बढ़ते आइसक्रीम कंज्यूमर मार्केट (Consumer Market) में प्रवेश कर चुकी है।
- HFL अपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता (Expertise) को इस नई कैटेगरी में लागू करेगी।
जोखिम पर नजर
हालांकि, भारतीय आइसक्रीम बाजार में Amul, Kwality Wall's, Vadilal और Havmor जैसे स्थापित खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। HFL को बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाने और एक कंज्यूमर-फेसिंग सेगमेंट में प्रवेश करने वाले कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर के रूप में ब्रांड परसेप्शन (Brand Perception) को मैनेज करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नए पानीपत फैसिलिटी (Facility) में ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) हासिल करना महत्वपूर्ण होगा।
बाजार का परिदृश्य
भारतीय आइसक्रीम बाजार के बारे में बात करें तो, इसके 2023 में ₹30,000 करोड़ से बढ़कर 2028 तक ₹50,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें से ऑर्गेनाइज्ड सेगमेंट (Organized Segment) का हिस्सा लगभग 60-65% है।
आगे क्या देखें
निवेशकों को पानीपत फैसिलिटी (Facility) में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) और रैंप-अप स्पीड (Ramp-up Speed), आइसक्रीम सेगमेंट में सेल्स परफॉरमेंस (Sales Performance) और मार्केट शेयर (Market Share) हासिल करने, साथ ही फूड और बेवरेज सेक्टर में कंपनी के किसी भी अन्य रणनीतिक कदम पर नजर रखनी चाहिए।
