सरकारी कंपनी Hindustan Copper Ltd. ने शेयर बाज़ार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से अपने 'डेजिग्नेटेड इम्प्लॉईज़' (Designated Employees) यानी प्रमुख कर्मचारियों और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए ट्रेडिंग विंडो (Trading Window) बंद करने की घोषणा की है। यह कदम SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के सख्त इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशन (Insider Trading Regulations) के तहत उठाया गया है।
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) और तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) को आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं कर देती। नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद ही यह विंडो फिर से खोली जाएगी।
कंपनी ने यह भी बताया है कि बोर्ड मीटिंग की तारीख, जिसमें इन नतीजों को मंजूरी दी जाएगी, जल्द ही शेयरधारकों को सूचित की जाएगी। SEBI के 2015 के नियम (SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी शेयरधारक को कंपनी की 'अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन' (Unpublished Price-Sensitive Information - UPSI) का गलत फायदा उठाने का मौका न मिले।
बाज़ार की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका पालन Hindustan Copper जैसी बड़ी मेटल और माइनिंग कंपनियां, जैसे Hindustan Zinc, Vedanta, और Hindalco Industries भी करती हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सभी निवेशकों को एक समान जानकारी मिले और कोई भी अंदरूनी सूत्र (Insider) गैर-सार्वजनिक जानकारी के आधार पर ट्रेडिंग करके फायदा न उठा सके।
इस कदम से कंपनी के अंदरूनी लोगों पर किसी भी तरह की गैर-कानूनी ट्रेडिंग करने पर रोक लग जाती है, खासकर जब कंपनी अपने महत्वपूर्ण वित्तीय आंकड़े जारी करने वाली हो।
