Hexa Tradex: निवेशकों की टेंशन बढ़ी! कंपनी हो रही है डीलिस्ट, स्टैंडअलोन बिज़नेस में **99%** की भारी गिरावट

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Hexa Tradex: निवेशकों की टेंशन बढ़ी! कंपनी हो रही है डीलिस्ट, स्टैंडअलोन बिज़नेस में **99%** की भारी गिरावट
Overview

Hexa Tradex Ltd ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के स्टैंडअलोन बिज़नेस का रेवेन्यू **99%** तक गिर गया, जिससे **₹2.95 करोड़** का भारी नुकसान हुआ। वहीं, कंसॉलिडेटेड लॉस घटकर **₹8.72 करोड़** हो गया है। कंपनी स्टॉक एक्सचेंज से वॉलंटरी डीलिस्टिंग (Voluntary Delisting) के अंतिम चरण में है और उसे SEBI से एक शो कॉज नोटिस (Show Cause Notice) भी मिला है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

FY26 में कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन?

Hexa Tradex Ltd के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के नतीजे चिंताजनक रहे हैं। कंपनी के स्टैंडअलोन बिज़नेस से होने वाली कुल आय में पिछले साल के मुकाबले 98.84% की भारी गिरावट आई और यह सिर्फ ₹7.86 लाख रह गई, जबकि पिछले साल यह ₹677.25 लाख थी। इस जबरदस्त रेवेन्यू फॉल के कारण कंपनी को स्टैंडअलोन लेवल पर ₹295.31 लाख का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹187.87 लाख का प्रॉफिट (Profit) दर्ज किया गया था।

दूसरी ओर, कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आधार पर कंपनी की कुल आय 56.20% गिरकर ₹545.59 लाख पर आ गई, जो पिछले साल ₹1,245.50 लाख थी। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि कंसॉलिडेटेड नेट लॉस पिछले साल के ₹2,494.71 लाख से घटकर इस साल ₹871.99 लाख रह गया है।

तिमाही नतीजों की बात करें तो, मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में स्टैंडअलोन लेवल पर ₹61.95 लाख का नेट लॉस दर्ज किया गया, जबकि कंसॉलिडेटेड नेट लॉस ₹331.72 लाख रहा।

बोर्रोइंग्स (Borrowings) और डीलिस्टिंग की ओर...

कंपनी के कंसॉलिडेटेड बोर्रोइंग्स में बड़ी कमी आई है, जो ₹2,165.38 लाख से घटकर ₹863.30 लाख हो गई हैं। हालांकि, स्टैंडअलोन नॉन-करंट बोर्रोइंग्स ₹1,216.10 लाख से बढ़कर ₹1,563.71 लाख हो गई हैं।

अब सबसे अहम बात, Hexa Tradex स्टॉक एक्सचेंज (BSE और NSE) से अपनी वॉलंटरी डीलिस्टिंग की प्रक्रिया को अंतिम चरण में ले जा रही है। इसके लिए रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approvals) का इंतजार है। इसी बीच, कंपनी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से एक शो कॉज नोटिस (Show Cause Notice) भी मिला है, जिसमें SEBI एक्ट के कथित उल्लंघनों का जिक्र है।

शेयरहोल्डर्स के लिए क्या मायने?

शेयरहोल्डर्स के लिए, डीलिस्टिंग का मतलब है कि कंपनी पब्लिक मार्केट्स से बाहर हो जाएगी। आमतौर पर डीलिस्टिंग के वक्त एक एग्जिट प्राइस (Exit Price) या बायबैक ऑफर (Buyback Offer) पेश किया जाता है। कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में करीब 99% की गिरावट और प्रॉफिट से लॉस में आना गंभीर ऑपरेशनल समस्याओं की ओर इशारा करता है। साथ ही, SEBI का नोटिस भी एक बड़ा रेगुलेटरी अनिश्चितता (Regulatory Uncertainty) पैदा कर रहा है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.